कप्तानगंज क्षेत्र के पोखरा क्षेत्र मनोरमा नदी को स्वच्छ और निर्मल बनाने के लिए क्षेत्रवासियों द्वारा शुरू किया गया सफाई अभियान !

बस्ती। कप्तानगंज क्षेत्र के पोखरा क्षेत्र से होकर बहने वाली मनोरमा नदी को स्वच्छ और निर्मल बनाने के लिए क्षेत्रवासियों द्वारा शुरू किया गया सफाई अभियान अब लोगों के लिए मिसाल बनता जा रहा है।
सर्वलिया घाट से मैढ़ावा तक करीब पांच किलोमीटर के इस अभियान के चौथे दिन नदी की सफाई में जुटे युवाओं के साथ बुजुर्गों का जज्बा भी देखने को मिला। कड़ी मेहनत कर टीम ने करीब ढाई किलोमीटर नदी के हिस्से को जलकुंभी और गंदगी से मुक्त कर निर्मल कर दिया है।इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि सफाई टीम का नेतृत्व करीब 75 वर्षीय भोधर निषाद कर रहे हैं।
जिस उम्र में आमतौर पर लोग आराम करना पसंद करते हैं, उस उम्र में भोधर निषाद नदी को बचाने के लिए युवाओं के साथ कदम से कदम मिलाकर खड़े हैं। नदी को वे मां का दर्जा देते हैं और कहते हैं कि मनोरमा उनके लिए महज एक नदी नहीं, बल्कि जीवनदायिनी है।भोधर निषाद के नेतृत्व में राम लोचन निषाद, तिलक राम निषाद, सरवन निषाद, अजीत निषाद, राजेश निषाद, रमेश निषाद, जय प्रकाश निषाद, राम मिलन निषाद, सुनील निषाद, अमिताभ निषाद, काशीराम निषाद, श्री चंद्रभान निषाद उर्फ खनखन और विशुनदास निषाद सहित महुरैया व आसपास के गांवों के दर्जनों लोग लगातार सफाई में जुटे हैं।
नदी की गहराई और जलकुंभी के बीच उतरकर सफाई करना आसान नहीं है, फिर भी टीम के सदस्य नाव और परंपरागत औजारों की मदद से घंटों मेहनत कर जलकुंभी और कचरा निकाल रहे हैं। खास बात यह है कि इस पूरे अभियान में किसी ने भी मजदूरी या आर्थिक मदद की मांग नहीं की।बीते दिनों में भी दर्जनों ग्रामीण बिना किसी सरकारी सहायता के नदी में उतरकर सफाई कर चुके हैं।
पूर्व प्रधान रूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में शुरू हुए इस अभियान में एक दिन में ही करीब 500 मीटर हिस्सा साफ किया जा चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि इन दिनों नदी का बहाव तेज है, इसलिए जलकुंभी काटकर हटाने का यह सबसे उपयुक्त समय है, क्योंकि कटी हुई जलकुंभी बहाव के साथ खुद ही आगे बह जाती है।
ग्रामीणों ने संकल्प लिया है कि सर्वलिया घाट से मैढ़ावा तक पूरे पांच किलोमीटर हिस्से को वे अपने बलबूते साफ करेंगे, और यदि प्रशासन या समाज से सहयोग मिला तो अभियान को और तेज किया जाएगा। अभियान में जुटे लोगों का हौसला बढ़ाने के लिए समाजसेवी रणविजय सिंह राहुल, चंद्रमणि पांडे और सुदामा भी मौके पर पहुंचे।
रणविजय सिंह राहुल ने आर्थिक सहयोग देकर सफाई टीम का उत्साह बढ़ाया, वहीं चंद्रमणि पांडे और सुदामा ने अभियान का नेतृत्व कर रहे भोधर निषाद का मुंह मीठा कराया और अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया। इससे पहले भी हनुमानगढ़ी पोखरा के महंत गिरजेश दास और ऐंठी ग्राम सभा के बड़े भाई तुलसी जैसे लोग अभियान स्थल पर पहुंचकर आर्थिक व नैतिक सहयोग दे चुके हैं।मनोरमा की सफाई में जुटे इन लोगों की मेहनत एक बड़ा संदेश दे रही है — अगर समाज ठान ले तो नदी सिर्फ सरकारी व्यवस्था से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से भी निर्मल हो सकती है।
ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन इस जनभागीदारी को देखते हुए आगे आए और मशीनों व संसाधनों से सहयोग करे, ताकि नदी का पूरा हिस्सा जल्द निर्मल हो सके। इन मेहनतकश हाथों को अब जरूरत है सम्मान, सहयोग और प्रोत्साहन की।
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