प्रेम, ब्लैकमेल और बदले की खौफनाक कहानी

बहन के प्रेमी की हत्या के बाद शव को बाइक पर लेकर 25 किमी घूमती रही प्रेमिका की मौसेरी बहन, छह थाना क्षेत्रों से होकर गुजरी वारदात की कड़ी ! बस्ती।
प्रेम, ब्लैकमेल, बदनामी के डर और बदले की आग ने एक ऐसी खौफनाक वारदात को जन्म दिया, जिसकी कड़ियां जिले के छह थाना क्षेत्रों तक पहुंच गईं। नगर थाना क्षेत्र के खड़ौआ खुर्द निवासी संविदा कंप्यूटर ऑपरेटर यशवंत सिंह की हत्या कप्तानगंज थाना क्षेत्र के कौड़ी कोल गांव में की गई।
हत्या के बाद शव को बाइक पर रखकर करीब 25 किलोमीटर दूर वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के धनौरा गांव के पास झाड़ियों में फेंका गया और वारदात में इस्तेमाल बाइक को दुबौलिया थाना क्षेत्र के बैरागल के पास छोड़ दिया गया। मामले के तार नगर, कप्तानगंज, वाल्टरगंज, दुबौलिया, हरैया और कोतवाली थाना क्षेत्रों से जुड़ गए।पुलिस के अनुसार, यशवंत सिंह पुलिस विभाग के निर्माण निगम की गोरखपुर इकाई में संविदा पर कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत थे।
गांव की ही युवती गुड़िया से उनका लंबे समय से मेलजोल था। आरोप है कि इसी दौरान दोनों के बीच संबंध बने और यशवंत ने युवती का वीडियो बना लिया।
बाद में इसी वीडियो के जरिए उसे कथित रूप से ब्लैकमेल और प्रताड़ित किया जाने लगा। जब गुड़िया के परिवार ने उसकी शादी तय करने का प्रयास किया तो आरोप है कि यशवंत ने वीडियो उसके होने वाले पति तक पहुंचा दिया, जिससे शादी टूट गई।
ऐसा कई बार होने से गुड़िया कथित तौर पर मानसिक रूप से परेशान हो गई।पुलिस की जांच में सामने आया कि गुड़िया ने अपनी मौसेरी बहन रीमा को पूरी बात बताई। रीमा ने अपनी मां सोना को जानकारी दी।
इसके बाद रीमा की सगी बहन शीला भी इस योजना में शामिल हो गई। आरोप है कि चारों ने मिलकर यशवंत को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।ड्राइवर की जरूरत ने जोड़ा एक और किरदारयोजना में शव को बाइक से ठिकाने लगाने की बात सामने आने पर एक पुरुष की जरूरत महसूस हुई।
इसी दौरान रीमा के प्रेमी राम ललित चौधरी की भूमिका तय हुई। राम ललित हरैया थाना क्षेत्र के पनेराभारी गांव का रहने वाला बताया गया है।
पुलिस के मुताबिक, रीमा के कहने पर वह योजना में शामिल हो गया और बाइक चलाने की जिम्मेदारी संभाली।गन्ने के खेत में बुलाया और कर दी हत्या !पुलिस के मुताबिक, 8 सितंबर की रात गुड़िया कौड़ी कोल गांव स्थित अपनी मौसी सोना के घर पहुंची। वहां से उसने फोन कर यशवंत को मिलने के लिए बुलाया।
ड्यूटी से लौटने के बाद यशवंत कौड़ी कोल पहुंचा। आरोप है कि गुड़िया उसे गन्ने के खेत की ओर ले गई, जहां पहले से सोना, रीमा, शीला और राम ललित मौजूद थे।
पुलिस का दावा है कि वहीं गला दबाकर यशवंत की हत्या कर दी गई।हत्या के बाद शव को बाइक पर बीच में रखा गया। राम ललित ने बाइक चलाई, जबकि पीछे बैठी रीमा शव को संभालती रही।
इस तरह कौड़ी कोल से निकले आरोपी बस्ती शहर के किनारे से होते हुए वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के धनौरा गांव के पास पहुंचे और शव को झाड़ियों में फेंक दिया।शव के बाद बाइक को भी किया गायब ! यशवंत जिस अपाचे बाइक से कौड़ी कोल पहुंचा था, उसे भी आरोपियों ने ठिकाने लगाने की कोशिश की।
पुलिस के अनुसार, बाइक को दुबौलिया थाना क्षेत्र में निर्माणाधीन टोल प्लाजा बैरागल के पास छोड़ दिया गया। इसके बाद सभी आरोपी अपने-अपने ठिकानों पर लौट गए।अगली सुबह धनौरा गांव के पास झाड़ियों में अज्ञात शव मिलने की सूचना से पुलिस सक्रिय हुई।
दूसरी ओर बैरागल के पास लावारिस अपाचे बाइक मिलने की सूचना भी पुलिस तक पहुंची। जांच आगे बढ़ने पर बाइक और शव के बीच संबंध सामने आया और मृतक की पहचान यशवंत सिंह के रूप में हुई।
पोस्टमार्टम में खुला हत्या का राज शुरुआत में परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि होने के बाद वाल्टरगंज थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।
इसके बाद घटना के पर्दाफाश के लिए वाल्टरगंज पुलिस के साथ एसओजी और सर्विलांस टीम को लगाया गया। पुलिस टीमों ने यशवंत के मोबाइल की कॉल डिटेल, घटना से पहले और बाद में संपर्क में रहे लोगों की जानकारी, मोबाइल लोकेशन और फोन के अंतिम मूवमेंट की पड़ताल की।
यशवंत से संपर्क में रहने वाले लोगों के संपर्कों की भी जांच की गई। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस की जांच आरोपियों तक पहुंची।
मौसी और प्रेमी गिरफ्तार, तीन की तलाश पुलिस ने मामले में कौड़ी कोल निवासी सोना और राम ललित चौधरी को गिरफ्तार किया है। दोनों को कथित रूप से कोतवाली थाना क्षेत्र के एमहट घाट के पास उस समय पकड़ा गया, जब वे भागने की फिराक में थे।
पुलिस अब गुड़िया, रीमा और शीला की तलाश कर रही है। छह थाना क्षेत्रों तक पहुंची वारदात की कड़ी इस हत्याकांड की खास बात यह है कि घटना की कड़ियां जिले के छह थाना क्षेत्रों से जुड़ी हैं।
यशवंत सिंह की हत्या कप्तानगंज के कौड़ी कोल में हुई, शव वाल्टरगंज के धनौरा के पास फेंका गया, बाइक दुबौलिया के बैरागल में छोड़ी गई, जबकि आरोपी राम ललित हरैया के पनेराभारी से आया था और उसकी गिरफ्तारी कोतवाली क्षेत्र के एमहट घाट के पास हुई। मृतक का मूल निवास नगर थाना क्षेत्र के खड़ौआ खुर्द में है।वारदात ने पुलिस की रात्रि गश्त और पिकेट व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं।
आरोपियों के अनुसार बताए जा रहे घटनाक्रम में बाइक पर शव लेकर करीब 25 किलोमीटर का सफर किया गया, लेकिन रास्ते में उन्हें किसी पुलिसकर्मी ने नहीं रोका। हालांकि, मामले में पुलिस की तकनीकी जांच ने अंततः हत्या की गुत्थी सुलझाने में अहम भूमिका निभाई।
प्रेम और रिश्तों से शुरू हुई यह कहानी कथित ब्लैकमेल और बदले की भावना से होते हुए हत्या तक पहुंच गई। अब पुलिस के सामने फरार तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ-साथ यह स्पष्ट करना भी चुनौती है कि इस पूरी साजिश में किसकी क्या भूमिका थी और हत्या की योजना किस स्तर पर बनाई गई थी।
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