बालाघाट मे सत्ताधारी की और से प्रायोजित एन्फ्लुअर द्वार पत्रकारिता शर्मरशार..!

"वंदे भारत लाईव्ह टिव्ही न्यूज"
अकोला जिला प्रतिनिधी:-डॉ.पंजाबराव खाडे. "बालाघाट मे सत्ताधारी की और से प्रायोजित एन्फ्लुएंसरो द्वारा पत्रकारिता शर्मशार..!
भोपाल से भेजे गए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरो की खिलाफत,बालाघाट पत्रकारों की छवि को बदनाम करने वालो के खिलाफ एक्शन की मांग, बालाघाट के पत्रकारों ने की इन्फ्लुएंसरो के कार्यो की निंदा। संज्ञान ले जिल्हा माहिती जनसंपर्क कार्यालय।
गौरमतल बालाघाट। जिले के आदिवासी अंचल में 32 बच्चों की मौत और लगातार बच्चों के बीमार होने की खबरें आ रही है, बावजूद इसके प्रशासन, स्थिति नियंत्रण में होने की बात कह रहा है।
जबकि मैदानी हकीकत इससे बहूतही अलग है,जिसको लेकर जिले के पत्रकारों के मैदानी हालत दिखाए जाने के बाद,भोपाल से ग्रामीण क्षेत्रो में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरो की फौज उतार दी गई, लेकिन इन इन्फ्लुएंसरो ने शनिवार को अभिजीत दीपके के साथ, जिस तरह से व्यवहार कर बालाघाट और बालाघाट की पत्रकारिता को बदनाम करने का काम किया गया है। उसके खिलाफ रविवार को बालाघाट का पत्रकार एकजुट दिखाई दिया,तथाकथित सरकार की छवि चमकाने भेजे गए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरो के व्यवहार और बालाघाट तथा पत्रकारो की छवि को धूमिल करने किए गए कृत्य की स्थानिक पत्रकारों द्वारा आलोचना की गयी.!यह आलोचना पुरे प्रदेश, देश मे पत्रकारों द्वारा होगी।
बैठक में जिले के वरिष्ठ पत्रकारों आनंद ताम्रकर, अशोक मोटवानी, रफी अंसारी, शशांक माहुले, रूपेश श्रीवास्तव, आशीष शर्मा के साथ ही बाहर से आए जनंसपर्क अधिकारी माथनसिंह उईके और जिला जनसंपर्क अधिकारी अनिल पटले भी मौजूद थे। पत्रकारों ने जनसंपर्क अधिकारियों को चेताते हुए कहा कि यदि सरकार की छवि चमकाने, बाहर से सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरो को बुलाना पड़ रहा है तो वह उन्हें बुलाए लेकिन, उनके माध्यम से बालाघाट और जिले के पत्रकारों की छवि को बदनाम ना करें।
पत्रकारों ने कहा कि यदि शासन और प्रशासनिक स्तर पर पत्रकारों को आपस में लड़ाने का प्रयास किया जा रहा है तो यह बालाघाट में नहीं चलेगा। पत्रकारो ने साफ कर दिया कि यदि बालाघाट के पत्रकारों की छवि को धूमिल करने के कृत्य पर क्षमा नहीं मांगी जाती है तो इसके खिलाफ पत्रकार साथी, सरकारी खबरों का बहिष्कार करेंगे।
दरअसल, इससे पूर्व बाहर से आए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरो ने कलेक्टर और शनिवार को सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके के साथ जिस तरह से बिना कोई जवाब लिए, सवालों पर सवाल कर उन्हें अपमानित करने का काम किया गया। उसको लेकर बालाघाट के पत्रकारों ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरो पर नाराजगी जाहिर की है।
अब देखना है कि शासन, प्रशासन, बालाघाट के पत्रकारों के साथ किस तरह से समन्वय कायम करने का प्रयास करता है। सौ.सिटीलाईव (रिपोर्टर)
🔔 Vande Bharat News Alerts
नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।





