जनता ने प्रशासन से की पशु तस्करी रोकने की मांग

*शिवपुरी मोहनिया चौकी क्षेत्र से पशु तस्करी जोरो पर, पशु चिकित्सक की भूमिका पर भी उठे सवाल*
रुपईडीहा-बहराइच। थाना रुपईडीहा अंतर्गत शिवपुरी मोहनिया चौकी क्षेत्र से पशु तस्करी किए जाने के आरोप सामने आने के बाद सीमा क्षेत्र की निगरानी और पुलिसिंग पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में छुट्टा पशुओं की समस्या लगातार बढ़ रही है और इसी का फायदा उठाकर पशु तस्करी का नेटवर्क सक्रिय होने की आशंका है।बताया जा रहा है कि भारत-नेपाल सीमा से सटे क्षेत्र में पशुओं को विभिन्न रास्तों से नेपाल की ओर ले जाने की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं। स्थानीय लोगों के आरोप हैं कि छुट्टा पशुओं को पकड़कर उनके अवैध परिवहन की गतिविधियां भी चल रही हैं। यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो यह पशु संरक्षण के साथ-साथ सीमा सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला है। इस पूरे मामले में रुपईडीहा में तैनात पशु चिकित्सक डॉ. अंकुर बिहारी की भूमिका को लेकर भी कुछ लोगों द्वारा सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, पशु चिकित्सक पर लगाए जा रहे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में संबंधित विभाग द्वारा निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाना आवश्यक है कि छुट्टा पशुओं की पहचान, चिकित्सा प्रमाण-पत्र अथवा उनके परिवहन से संबंधित किसी प्रक्रिया में उनकी कोई भूमिका रही है या नहीं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि शिवपुरी मोहनिया चौकी क्षेत्र से लगातार पशुओं का अवैध परिवहन हो रहा है तो सीमा क्षेत्र में तैनात पुलिस और अन्य संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है? स्थानीय लोगों ने पुलिस एवं प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में पशुओं के अवैध परिवहन की शिकायतों की गंभीरता से जांच कराई जाए, संदिग्ध मार्गों पर निगरानी बढ़ाई जाए और यदि किसी सरकारी कर्मचारी अथवा अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। अब देखना यह है कि प्रशासन इन आरोपों की जांच कर सच्चाई सामने लाता है या सीमा क्षेत्र में पशु तस्करी को लेकर उठ रहे सवाल यूं ही अनुत्तरित बने रहते हैं।
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