अल नीनो का साया: चंद्रपुर सुपर ताप बिजली केंद्र (CSTPS) पर जल संकट, महाराष्ट्र में गहरा सकता है बिजली संकट

समीर वानखेड़े ब्यूरो चीफ:
महाराष्ट्र की बिजली आपूर्ति की रीढ़ माने जाने वाले चंद्रपुर सुपर थर्मल पावर स्टेशन (CSTPS) पर अल नीनो (El Niño) के कारण सूखे और कम बारिश का खतरा मंडराने लगा है। यदि मानसून के दौरान पर्याप्त बारिश नहीं होती है, तो जलाशय में पानी की कमी के कारण इस विशाल ताप बिजली संयंत्र से बिजली उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।
संकट का मुख्य कारण: इरई बांध में पानी की कमी
चंद्रपुर महाऔष्णिक विद्युत केंद्र में टरबाइन कूलिंग और भाप जनरेशन के लिए भारी मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है। यह संयंत्र पूरी तरह से पास में स्थित इरई बांध (Irai Dam) के जल भंडार पर निर्भर है।
कम बारिश की आशंका: अल नीनो प्रभाव के कारण मानसून के पैटर्न में आए बदलाव से क्षेत्र में अपेक्षित वर्षा कम हुई है। इरई जलाशय की स्थिति: यदि कैचमेंट एरिया में पर्याप्त वर्षा नहीं होती और बांध क्षमता के अनुरूप नहीं भर पाता, तो संयंत्र की कई इकाइयों (Units) को मजबूरन बंद या कम क्षमता पर संचालित करना पड़ेगा।
पेयजल बनाम बिजली का संघर्ष: इरई बांध का पानी न केवल बिजली संयंत्र के लिए बल्कि चंद्रपुर शहर की पेयजल आपूर्ति के लिए भी इस्तेमाल होता है, जिससे स्थानीय प्रशासन के सामने प्राथमिकता तय करने की कठिन चुनौती खड़ी हो गई है। CSTPS का महत्व और प्रमुख आंकड़े
महाजेनको (Mahagenco) के अंतर्गत आने वाला यह पावर स्टेशन महाराष्ट्र का सबसे बड़ा थर्मल पावर प्लांट है:
विवरण
> कुल स्थापित क्षमता (Installed Capacity) | 2,920 मेगावाट (MW)
> राज्य आपूर्ति में योगदान | महाराष्ट्र की कुल बिजली मांग का एक बड़ा हिस्सा |
> मुख्य जल स्रोत | इरई बांध (Irai Dam) एवं नदी |
> प्रस्तावित विस्तार | 800 MW का नया सुपर-क्रिटिकल संच |
बिजली उत्पादन प्रभावित होने पर संभावित असर
राज्य भर में बिजली कटौती का खतरा: CSTPS की क्षमता 2,920 MW है।
यदि पानी की कमी से इसकी इकाइयां प्रभावित होती हैं, तो महाराष्ट्र के कई जिलों में ग्रामीण और औद्योगिक क्षेत्रों में लोड-शेडिंग (Load Shedding) की नौबत आ सकती है। गर्मी बढ़ने पर बढ़ी हुई मांग: अल नीनो के कारण तापमान में वृद्धि होने पर एसी, कूलर और कृषि पंपों के उपयोग से बिजली की मांग चरम पर पहुंच जाती है।उत्पादन घटने और मांग बढ़ने से पावर ग्रिड पर दबाव बढ़ जाएगा।
महंगी बिजली खरीदने का दबाव: थर्मल पावर उत्पादन बाधित होने पर महावितरण (MSEDCL) को अन्य राज्यों या निजी ऊर्जा उत्पादकों से अधिक दरों पर बिजली खरीदनी पड़ेगी, जिससे वित्तीय भार बढ़ेगा।
प्रबंधन का पक्ष और भविष्य के कदम
संयंत्र अधिकारियों के अनुसार, बारिश के अनिश्चित रुख को देखते हुए पानी के रिसाव को रोकने और जल पुनर्चक्रण (Water Recycling) पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि, स्थिति पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करेगी कि मानसून का अंतिम दौर जलाशयों को कितना भर पाता है।
यदि जल स्तर में सुधार नहीं हुआ, तो जल संसाधन विभाग और महाजेनको की संयुक्त बैठक में आपातकालीन कदम उठाए जा सकते हैं।
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