बाल संरक्षण एवं बाल नशा मुक्ति संबंधी त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित*

*बाल संरक्षण एवं बाल नशा मुक्ति संबंधी त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित*
पाली, 29 सितम्बर। जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल नशा मुक्ति की प्रभावी रोकथाम के लिए एनसीपीसीआर द्वारा जारी ज्वाइंट एक्शन प्लान ‘एक युद्ध नशे के विरुद्ध’ की त्रैमासिक समीक्षा बैठक मंगलवार को अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. बजरंग सिंह की अध्यक्षता में उनके चैंबर में आयोजित हुई।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने बाल संरक्षण इकाई एवं बाल कल्याण समिति के कार्यों की समीक्षा की। साथ ही किशोर न्याय बोर्ड, राजकीय बाल देखरेख संस्थान, राजकीय सम्प्रेक्षण एवं किशोर गृह, विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण एजेंसी, 24×7 चाइल्ड हेल्पलाइन यूनिट, पुलिस, शिक्षा, चिकित्सा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, आबकारी, औषधि नियंत्रण एवं श्रम विभाग द्वारा किशोर न्याय अधिनियम, पॉक्सो अधिनियम, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, बाल श्रम एवं बाल नशा मुक्ति की प्रभावी रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्यों एवं जागरूकता गतिविधियों की समीक्षा की गई।
बाल अधिकारिता विभाग की सहायक निदेशक डॉ. टीना अरोड़ा ने विभागीय प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राजकीय विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण एजेंसी, पाली द्वारा केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण, नई दिल्ली के केयरिंग पोर्टल एवं वर्तमान मिशन वात्सल्य पोर्टल पर दर्ज बच्चों के दत्तक ग्रहण की कार्यवाही की जा रही है। दत्तक ग्रहण आवेदनों की जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा समीक्षा के बाद जिला मजिस्ट्रेट को प्रस्तुत किया जा रहा है।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2026 में अब तक दो शिशुओं के अंतरदेशीय दत्तक ग्रहण के आदेश जारी किए गए हैं। वहीं देश के भीतर दत्तक ग्रहण के तहत भी दो शिशुओं को परिवारों में पुनर्वासित किया गया है। दत्तक ग्रहण प्रकरणों में नियमानुसार नियमित फॉलोअप किया जा रहा है।
विद्यालयों में प्रहरी क्लब गठित करने के निर्देश
अतिरिक्त जिला कलक्टर ने शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए जिले के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों में कक्षा 6 से 12 तक अध्ययनरत विद्यार्थियों के शत-प्रतिशत प्रहरी क्लब गठित कर इसकी रिपोर्ट तत्काल भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रहरी क्लब से जुड़े विद्यार्थियों को विद्यालय परिसर के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू, शराब आदि नशीले पदार्थों के वितरण को रोकने के प्रति जागरूक किया जाए। चिकित्सा एवं पुलिस विभाग को COTPA Act, 2003 तथा NCPCR के निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में बाल विवाह की रोकथाम के लिए जन-जागरूकता कार्यक्रम, बैठकें एवं निषेधाज्ञा संबंधी कार्यवाही की भी समीक्षा की गई। औषधि नियंत्रण विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए दवा दुकानों के निरीक्षण, आवश्यक अभिलेखों के डिजिटलीकरण एवं नियमानुसार कार्रवाई की प्रगति की जानकारी ली गई।
बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, महिला अधिकारिता विभाग, बाल अधिकारिता विभाग एवं पुलिस विभाग को आपसी समन्वय से बाल संरक्षण, बाल विवाह, बाल नशा मुक्ति एवं बाल श्रम की रोकथाम के लिए जागरूकता गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए गए। श्रम विभाग को चाइल्ड लेबर डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स की नियमित मासिक बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।
बाल संरक्षण संस्थानों के भवन निर्माण एवं सुविधाओं की समीक्षा
बैठक में बजट घोषणा वर्ष 2026-27 की घोषणा संख्या 104 की अनुपालना के क्रम में राजकीय किशोर गृह, बाल कल्याण समिति एवं किशोर न्याय बोर्ड के कार्यालय भवन निर्माण तथा बाल देखरेख संस्थानों के भवनों के जीर्णोद्धार एवं आधारभूत सुविधाओं से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयसिंह राठौड़, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष जितेन्द्र परिहार, आबकारी अधिकारी मनोज बिस्सा, सामाजिक न्याय विभाग के उपनिदेशक डॉ. ज्योति प्रकाश अरोड़ा, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. वेदान्त गर्ग, मानव तस्करी विरोधी यूनिट प्रभारी अल्ताफ खान एवं श्रम विभाग से उप श्रम आयुक्त आसकरण मालवीय सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
🔔 Vande Bharat News Alerts
नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।





