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सिंगरौली पुलिस की साइबर एडवाइजरी। सावधान! एपीके फाइल के नाम पर हो रही साइबर ठगी से बचें पुलिस अधीक्षक सिंगरौली।

30 Sep 2026, 07:17 AM • Vande Bharat Live TV News
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सिंगरौली पुलिस की साइबर एडवाइजरी। सावधान! एपीके फाइल के नाम पर हो रही साइबर ठगी से बचें पुलिस अधीक्षक सिंगरौली। - सिंगरौली, मध्य प्रदेश

सिंगरौली पुलिस की साइबर एडवाइजरी।
सावधान! एपीके फाइल के नाम पर हो रही साइबर ठगी से बचें पुलिस अधीक्षक सिंगरौली।

वर्तमान समय में साइबर अपराधी व्हाट्सएप, संदेश, टेलीग्राम एवं सोशल मीडिया के माध्यम से ई-चालान, शादी का निमंत्रण, सरकारी योजना, बिजली बिल, बैंक खाता सत्यापन, कुरियर-पार्सल, इनाम, फोटो, आधार-पैन अपडेट अथवा अन्य आकर्षक नामों से एपीके फाइलें भेजकर लोगों को ठगी का शिकार बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

किसी भी अनजान एपीके फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें

यदि आपके मोबाइल पर किसी अनजान नंबर से ".apk" फाइल आती है, तो उसे न खोलें, न डाउनलोड करें, न इंस्टॉल करें और न ही किसी अन्य व्यक्ति को आगे भेजें।

ई-चालान की जानकारी केवल परिवहन विभाग के अधिकृत पोर्टल अथवा संबंधित सरकारी वेबसाइट से ही जांचें। किसी भी योजना, बैंक, बिजली बिल या अन्य सेवा से संबंधित जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत मोबाइल अनुप्रयोग से ही सत्यापित करें।

*एपीके फाइल इंस्टॉल होने पर क्या खतरा हो सकता है?*

संदिग्ध एपीके फाइल इंस्टॉल होने के बाद वह आपसे संपर्क सूची, संदेश, सूचनाएं, स्क्रीन, कॉल, स्टोरेज अथवा अन्य संवेदनशील अनुमतियां मांग सकती है। ऐसी अनुमति मिलने पर साइबर अपराधी आपके मोबाइल की महत्वपूर्ण जानकारी का दुरुपयोग करने का प्रयास कर सकते हैं।

*इसलिए मोबाइल की सेटिंग में अनजान स्रोत से अनुप्रयोग इंस्टॉल करने की अनुमति बंद रखें।*

*यदि गलती से संदिग्ध एपीके फाइल इंस्टॉल हो गई है तो तुरंत यह करें*

• मोबाइल का मोबाइल डाटा और वाई-फाई तुरंत बंद करें।
• मोबाइल की सेटिंग में जाकर संदिग्ध अनुप्रयोग को पहचानकर हटाएं।
• उस अनुप्रयोग को दी गई सभी अनुमतियां बंद करें।
• मोबाइल में उपलब्ध सुरक्षा सुविधा से जांच करें।
• बैंक खाते, यूपीआई एवं अन्य आर्थिक लेन-देन की तुरंत जांच करें।
• यदि किसी खाते की जानकारी प्रभावित होने की आशंका हो तो किसी सुरक्षित दूसरे मोबाइल या कंप्यूटर से पासवर्ड बदलें।
• यूपीआई पिन, बैंक पासवर्ड, ई-मेल और अन्य महत्वपूर्ण खातों की सुरक्षा दोबारा जांचें।
• यदि संदिग्ध गतिविधि जारी रहे और अनुप्रयोग पूरी तरह न हटे, तो जरूरी फोटो एवं दस्तावेज सुरक्षित करने के बाद मोबाइल को फैक्टरी रीसेट/फॉर्मेट कराया जा सकता है।
• यदि स्वयं यह प्रक्रिया नहीं कर पा रहे हैं तो किसी विश्वसनीय मोबाइल सेवा केंद्र अथवा तकनीकी विशेषज्ञ की सहायता लें।

*यदि आपके व्हाट्सएप से अपने-आप संदेश जाने लगें*

यदि आपके नाम से परिचितों को पैसों की मांग, लिंक, एपीके फाइल या अन्य संदिग्ध संदेश जाने लगें तो तुरंत अपने परिजनों, मित्रों एवं परिचितों को सूचित करें कि वे ऐसे संदेश पर भरोसा न करें।

व्हाट्सएप में लिंक किए गए उपकरण की सूची जांचें। कोई अपरिचित उपकरण दिखाई दे तो उसे तुरंत बाहर करें। व्हाट्सएप भी अनजान लिंक किए गए उपकरणों को हटाने और खाते की सुरक्षा के लिए दो-चरणीय सत्यापन चालू करने की सलाह देता है।

अपने नंबर से व्हाट्सएप में दोबारा प्रवेश कर सत्यापन प्रक्रिया पूरी करें तथा दो-चरणीय सत्यापन अवश्य चालू करें।

ओटीपी, सत्यापन कोड, यूपीआई पिन, एटीएम पिन या पासवर्ड किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें।

*कॉल फॉरवर्डिंग भी जरूर जांचें*

मोबाइल की कॉल सेटिंग में जाकर कॉल फॉरवर्डिंग विकल्प जांचें। यदि कोई अनजान नंबर जुड़ा हुआ दिखाई दे तो उसे तुरंत बंद करें।

कुछ दूरसंचार सेवाओं में "##002#" जैसे कोड से कॉल फॉरवर्डिंग बंद की जा सकती है। एक सुरक्षित तरीका और भी है कि मोबाइल की कॉल सेटिंग अथवा संबंधित दूरसंचार कंपनी की अधिकृत सेवा से कॉल फॉरवर्डिंग बंद करें।

*यदि मोबाइल पूरी तरह नियंत्रण से बाहर लग रहा हो*

यदि मोबाइल अपने-आप संदेश भेज रहा हो, स्क्रीन पर अनजान गतिविधि हो रही हो, संदिग्ध अनुप्रयोग हट नहीं रहा हो या लगातार असामान्य व्यवहार दिखाई दे रहा हो, तो इंटरनेट बंद रखें और आवश्यक डाटा सुरक्षित करने के बाद मोबाइल को फैक्टरी रीसेट कराएं।

महत्वपूर्ण खातों के पासवर्ड उसी संदिग्ध मोबाइल से नहीं, बल्कि किसी सुरक्षित दूसरे उपकरण से बदलना बेहतर है।

*यदि आर्थिक धोखाधड़ी हो गई है तो समय बिल्कुल न गंवाएं*

ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल भी वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की तत्काल सूचना 1930 पर देने की सलाह देता है।

इसके साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें तथा आवश्यकता होने पर नजदीकी पुलिस थाना या साइबर सेल से संपर्क करें।

*इन साक्ष्यों को सुरक्षित रखें*

संदिग्ध मोबाइल नंबर, व्हाट्सएप चैट, स्क्रीनशॉट, एपीके फाइल का नाम, बैंक लेन-देन की जानकारी, यूपीआई पहचान, भुगतान की रसीद एवं अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखें। इन्हें जल्दबाजी में डिलीट न करें।

*सबसे जरूरी सावधानियां*

अनजान एपीके फाइल न डाउनलोड करें।
अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
ओटीपी, पिन और पासवर्ड किसी को न बताएं।
अनजान ऐप को मोबाइल की विशेष अनुमतियां न दें।
पैसों की मांग वाले संदेश की पुष्टि संबंधित व्यक्ति से सीधे बात करके करें।
ई-चालान और सरकारी योजनाओं की जानकारी केवल अधिकृत माध्यम से जांचें।

*याद रखें*

एक संदिग्ध एपीके फाइल आपके मोबाइल के साथ आपकी डिजिटल पहचान और आपकी मेहनत की कमाई को भी खतरे में डाल सकती है।

सतर्क रहें — सुरक्षित रहें।

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