नशामुक्त बिहार अभियान को गांव -गांव, घर -घर तक पहुंचाना है -मुख्यमंत्री

संख्या-cm-742 27/10/2026
'नशामुक्त बिहार अभियान' को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाना है :- मुख्यमंत्री
मुख्य बिंदु :-
मुख्यमंत्री ने नशामुक्त बिहार अभियान का किया शुभारंभ, युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए व्यापक जन-जागरूकता एवं सख्त कार्रवाई पर जोर।
नशामुक्ति के लिए व्हाट्सऐप चैटबोट एवं हेल्पलाइन की शुरुआत। जन-जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया गया रवाना।
मुख्यमंत्री ने नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करने, दूसरों को जागरूक करने और अवैध कारोबार रोकने की शपथ दिलाई।
प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी, केंद्रीय गृह मंत्री आदरणीय श्री अमित शाह जी तथा पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय श्री नीतीश कुमार जी के मार्गदर्शन और प्रेरणा के लिये मुख्यमंत्री ने हृदय से आभार व्यक्त किया।
शहरी क्षेत्रों में व्यापक प्रचार तथा ग्रामीण क्षेत्रों में नुक्कड़ नाटक, चौपाल और पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाने का निर्देश। सूखे नशे के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने पर जोर।
पटना, 27 अक्टूबर 2026 मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने आज मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग द्वारा अधिवेशन भवन में आयोजित कार्यक्रम 'नशामुक्त बिहार अभियान' का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। यह अभियान 27 अक्टूबर से 26 नवंबर 2026 तक राज्यभर में चलाया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने व्हाट्सऐप चैटबोट एवं हेल्पलाइन की शुरुआत की तथा 'नशामुक्त बिहार अभियान' से संबंधित जन-जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अभियान के तहत रवाना किए गए जन-जागरूकता वाहन अगले एक माह तक बिहार के विभिन्न जिलों में जाकर ऑडियो-विजुअल माध्यम से लोगों को नशे के दुष्परिणामों और नशामुक्त जीवन के लाभों के प्रति जागरूक करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े विभिन्न जिलों के पदाधिकारियों एवं आमजनों को नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करने, दूसरों को नशे से दूर रहने हेतु जागरूक करने, नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार को रोकने तथा बिहार को नशामुक्त बनाने की दिशा में सक्रिय योगदान देने की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री ने मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, जीविका तथा ब्रह्माकुमारीज द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। विभाग की ओर से नशामुक्ति के लिए चलाए जा रहे जन-जागरूकता कार्यक्रमों तथा शराब के अवैध कारोबार के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई पर आधारित लघु फिल्म भी मुख्यमंत्री के समक्ष प्रदर्शित की गई।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बिहार के लिए महत्वपूर्ण दिन है। आज 'नशामुक्त बिहार अभियान' की शुरुआत की गई है, जिसे जनभागीदारी के माध्यम से व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा। प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत के संकल्प और केंद्रीय गृह मंत्री आदरणीय श्री अमित शाह द्वारा वर्ष 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में यह अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री आदरणीय श्री नीतीश कुमार जी ने जनहित में शराबबंदी कानून लागू कर राज्य में पूर्ण शराबबंदी का महत्वपूर्ण निर्णय लिया था। उस समय राज्य के बजट का आकार लगभग 50 से 55 हजार करोड़ रुपये था, इसके बावजूद राजस्व की चिंता किए बिना जनहित को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने शराबबंदी के इस निर्णय के लिए पूर्व श्री आदरणीय नीतीश कुमार जी को बधाई देते हुए कहा कि बिहार में शराबबंदी को प्रभावी बनाए रखने के साथ-साथ अब सभी प्रकार के नशीले पदार्थों के विरुद्ध भी व्यापक अभियान चलाने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशामुक्त, स्वस्थ और उज्ज्वल बिहार का निर्माण तभी संभव है, जब इस अभियान को निरंतर और प्रभावी ढंग से चलाया जाए। इसमें जीविका की लगभग 1.81 करोड़ दीदियों, छात्र-छात्राओं, ब्रह्माकुमारी से जुड़ी बहनों तथा समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी ने देश को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से ब्रह्माकुमारीज के साथ सहयोग की पहल की है। बिहार में भी इस दिशा में सहयोग स्थापित किया गया है। 'नशामुक्त बिहार अभियान की सफलता के लिए निर्धारित लक्ष्य को और व्यापक बनाना होगा।
मुख्यमंत्री ने शहरी क्षेत्रों में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में नुक्कड़ नाटक, चौपाल और पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से बचाना राज्य के भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। नशे की लत के कारण प्रतिभाशाली विद्यार्थी भी अपना भविष्य बर्बाद कर लेते हैं। इसलिए इस अभियान में अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ना होगा, ताकि आने वाली पीढ़ी सशक्त, स्वस्थ और समृद्ध बिहार के निर्माण में योगदान दे सके। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के साथ-साथ अब सूखे नशे के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई आवश्यक है। वर्ष 2024 में बिहार में 282 किलोग्राम चरस जब्त की गई थी, जबकि वर्ष 2025 में यह मात्रा बढ़कर 400 किलोग्राम हो गई। इसी प्रकार, वर्ष 2024 में 42 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 65 किलोग्राम हो गई। अफीम की जब्ती वर्ष 2025 में 77 किलोग्राम दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों को गंभीरता से लेते हुए नशीले पदार्थों की आपूर्ति और अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाना होगा। सूखे नशे के बढ़ते प्रचलन को देखते हुए संबंधित जिलों में विशेष अभियान चलाने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने पुलिस एवं मद्य निषेध विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार में शामिल लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए अधिकारियों को पूरी तत्परता से काम करना चाहिए तथा आवश्यकतानुसार आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करना चाहिए। बिहार में नशीले पादार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ अब 20 गुणा से अधिक मामले दर्ज हो रहे हैं, करीब 1700 मामले दर्ज हुये हैं जिनके निपटारे के लिये कई जिलों में विशेष न्यायालयों की व्यवस्था की गई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सख्त प्रवर्तन, प्रभावी निगरानी और जनभागीदारी से नशामुक्त बिहार के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थी सहयोग शिविर के माध्यम से अब तक 1,755 आवेदन प्राप्त हुये जिनमें 1,650 आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है। जिन विद्यार्थियों को न्याय नहीं मिला है या वे किसी आदेश से संतुष्ट नहीं हैं, तो वे राज्यस्तरीय सहयोग शिविर में आवेदन कर सकते हैं। विद्यार्थियों को न्याय मिलना आवश्यक है, तभी बिहार विकास और उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशामुक्त बिहार अभियान को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाना होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी, केंद्रीय गृह मंत्री आदरणीय श्री अमित शाह जी तथा पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय श्री नीतीश कुमार जी के मार्गदर्शन और नशामुक्त भारत एवं नशामुक्त बिहार के संकल्प के लिए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने अधिकारियों, सामाजिक संगठनों, जीविका दीदियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों से अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के मंत्री श्री मदन सहनी, उच्च शिक्षा मंत्री श्री संजय सिंह टाइगर तथा मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के सचिव-सह-मुख्यमंत्री के सचिव श्री संजय कुमार सिंह ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक श्रीमती प्रीता वर्मा, मद्य निषेध विभाग के अपर पुलिस महानिदेशक श्री रत्न संजय, सूचना एवं जन-संपर्क विभाग के सचिव श्री नवीन कुमार, जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी श्री हिमांशु शर्मा, उत्पाद आयुक्त श्रीमती दिव्या शक्ति, निबंधन विभाग के महानिरीक्षक श्री कृष्ण चंद्र गुप्ता, ब्रह्माकुमारीज की राजयोगिनी संगीता देवी, जिलाधिकारी श्री कुंदन कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक श्री कार्तिकेय के० शर्मा सहित अन्य वरीय पदाधिकारी, ब्रह्माकुमारीज के प्रतिनिधि, जीविका दीदियां, छात्र-छात्राएं उपस्थित थे जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न जिलों के जिलाधिकारी एवं आमजन जुड़े हुये थे।
रिपोर्टर -त्रिलोकी नाथ गयाजी बिहार
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