जिला रिपोर्टर सुरेश चौहान आगर मालवा मध्य प्रदेश 8349666200
आगर-मालवा। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में बुधवार को निलंबित प्राचार्य के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। प्राचार्य कैलाश चंद्र मालवीय ने जिला शिक्षा अधिकारी नितेश पांडे और लिपिक अक्षय दोहरे पर कमरा बंद कर मारपीट करने और जातिसूचक गालियां देने का आरोप लगाया है। घटना के बाद प्राचार्य ने डायल-112 पर सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें जिला अस्पताल ले जाकर मेडिकल परीक्षण कराया गया। पुलिस ने आवेदन के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्राचार्य मालवीय के अनुसार वे हाईकोर्ट के निर्देश के पालन में अपने निलंबन आदेश के खिलाफ विभागीय अपील से संबंधित दस्तावेज की प्रति शिक्षा विभाग को सूचनार्थ देने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे थे। उनका आरोप है कि कार्यालय में दस्तावेज की प्राप्ति देने के बजाय उनके साथ विवाद किया गया और बाद में कमरा बंद कर उनके साथ मारपीट की गई। मारपीट में शरीर पर चोट आने की बात भी प्राचार्य ने कही है।
पहले भी रहे हैं चर्चा में
निलंबित प्राचार्य कैलाश चंद्र मालवीय पूर्व में भी विभागीय मामलों को लेकर चर्चा में रहे हैं। उनके अनुसार उन्हें पहले दो बार निलंबित किया गया था, लेकिन दोषसिद्ध नहीं होने पर दोनों बार बहाल किया गया। पालखेड़ी स्कूल में पेयजल समस्या को लेकर आंदोलन और तत्कालीन कलेक्टर राघवेंद्र सिंह द्वारा किए गए स्थानांतरण के विरोध में ग्रामीणों द्वारा उनका स्थानांतरण निरस्त करने की मांग का मामला भी सामने आया था। बाद में स्थानांतरण आदेश निरस्त कर दिया गया था।
इसके अलावा घोड़ी पर बैठकर स्कूल में ज्वाइन करने का मामला भी चर्चा में रहा था। कुछ दिन पहले केंद्रीय विद्यालय के सामने बने ट्रेचिंग ग्राउंड को हटाने की मांग को लेकर अभिभावकों के साथ सड़क पर आंदोलन में शामिल होने की बात भी सामने आई थी।
आईडी कार्ड के मुद्दे पर हुआ था विवाद
बताया गया कि शिक्षकों को बिना आईडी कार्ड ड्यूटी कराने के आदेश को लेकर डीईओ कार्यालय में बहस हुई थी। इसी मामले के बाद आयुक्त लोक शिक्षण द्वारा प्राचार्य को निलंबित किया गया था। अब हाईकोर्ट के निर्देश के पालन में निलंबन के खिलाफ विभागीय अपील का आवेदन देने पहुंचे प्राचार्य के साथ डीईओ कार्यालय में मारपीट के आरोप सामने आए हैं।
पुलिस का कहना है कि प्राचार्य के आवेदन और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही घटना के संबंध में स्थिति स्पष्ट होगी।