गांधी जयंती के अवसर पर केन्द्रीय जेल से आजीवन कारावास के 5 बंदी रिहा

।वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी 8225072664 * केन्द्रीय जेल सागर में 2 अक्टूबर को गांधी जयंती एवं भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती हर्ष एवं उल्लास के साथ मनाई गई जिसमें जेल अधीक्षक रमेशचंद्र आर्य, समस्त अधिकारी एवं कर्मचारीगण तथा बंदीगण उपस्थित रहें। अधीक्षक द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के द्वारा भारत देश को आजाद कराने के लिए अहिंसा के माध्यम से किये गये असहयोग आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन एवं भारत छोड़ों आंदोलन के विषय में कुछ महत्वपूर्ण घटनाक्रम सांझा किये गये एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी के द्वारा जीवन में किये गये त्याग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सांझा की।
इसी क्रम में सौरभ सिंह चौहान सहायक जेल अधीक्षक द्वारा महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी की जीवनी के कुछ अंश सांझा किये गये। मध्यप्रदेश शासन जेल विभाग की रिहाई नीति 27 मई 2025 के अंतर्गत आजीवन से दंडित बंदियों को सजा में विशेष माफी प्रदान की जाकर गांधी जयंती के अवसर पर राज्य शासन द्वारा केन्द्रीय जेल सागर से 05 बंदियों को रिहा किया गया।
जेल अधीक्षक रमेशचंद्र आर्य ने रिहा किये गये बंदियों से उन्हें पुनः अपराध नहीं करने की अपील की है, साथ ही उनसे अपेक्षा की है कि, वह जेल में परिरूद्ध रहने के दौरान जो कौशल और प्रशिक्षण अर्जित किया है, उसका उपयोग अपने परिवार के जीवकोपार्जन एवं अच्छे समाज के नव निर्माण में सहभागी बनने के लिए करेंगे। सामाजिक संगठन रामसरोज समूह सागर के सदस्य शैलेष केशरवानी, मोनी केशरवानी एवं अन्य सदस्यों द्वारा जेल से रिहा होने वाले बंदियों को गीतगीता पुस्तक, गंगाजल की बॉटल, महाकाल लिखा हुआ मफलर प्रदान कर रिहा होने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी गई।
रामसरोज समूह द्वारा बंदी गोकल पिता मोती के परिजन जेल पर लेने नहीं आने से बंदी को उसके निवास तक छोड़ने की व्यवस्था की गई।
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