बस्ती भाजपा में ‘लेटर बम’: महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष शैल त्रिपाठी ने खोले संगठन के राज, हरीश द्विवेदी और विवेकानंद मिश्रा पर सनसनीखेज आरोप

अजीत मिश्रा (खोजी)
बस्ती भाजपा में रार: महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष शैल त्रिपाठी का सनसनीखेज दावा, जिलाध्यक्ष और हरीश द्विवेदी पर लगाए गंभीर आरोप
‘इस्तीफा दो वरना काम नहीं करने देंगे’ — भाजपा में सिरफुटव्वल, जिलाध्यक्ष और राष्ट्रीय महामंत्री की घेराबंदी में महिला नेता!
बस्ती BJP में गुटबाजी की रार: शैल त्रिपाठी का बड़ा दावा — शीर्ष नेताओं के इशारे पर मांगा जा रहा इस्तीफा
- शीर्ष नेतृत्व के फैसले को चुनौती: 12 अक्टूबर को बनीं जिलाध्यक्ष, अगले ही दिन से शुरू हुआ हटाने का खेल।
- प्रदेश अध्यक्ष पर दबाव का दावा: सरोज कुशवाहा का आया कॉल— “इस्तीफा दो, बदले में प्रदेश उपाध्यक्ष का पद लो”।
- आर-पार के मूड में शैल त्रिपाठी: बोलीं— “मेहनत से मिला पद, आत्मसम्मान से समझौता नहीं करूंगी, किसी के आगे नहीं झुकूंगी”।
बस्ती। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अंदरूनी गुटबाजी और खींचतान एक बार फिर सार्वजनिक रूप से सतह पर आ गई है। भाजपा महिला मोर्चा उत्तर प्रदेश द्वारा बस्ती की नवनियुक्त जिलाध्यक्ष शैल त्रिपाठी ने सोशल मीडिया पर एक लंबी-चौड़ी पोस्ट साझा कर पार्टी के शीर्ष नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शैल त्रिपाठी का आरोप है कि भाजपा के जिला अध्यक्ष विवेकानंद मिश्रा और पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी उनके खिलाफ षड्यंत्र रच रहे हैं और उनसे इस्तीफे की मांग की जा रही है।
नियुक्ति के तुरंत बाद शुरू हुआ विरोध का दौर
शैल त्रिपाठी के अनुसार, गत 12 अक्टूबर को भाजपा शीर्ष नेतृत्व और महिला मोर्चा उत्तर प्रदेश द्वारा उन्हें सर्वसम्मति से बस्ती जिले का महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष मनोनीत किया गया था। इस घोषणा के बाद कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनता में खुशी की लहर थी तथा उन्हें विभिन्न माध्यमों से बधाई संदेश मिल रहे थे।
हालांकि, आरोप है कि नियुक्ति के तुरंत बाद ही जिलाध्यक्ष विवेकानंद मिश्रा और राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी ने उनके नाम पर आपत्ति जताई। शैल त्रिपाठी ने दावा किया कि दोनों नेताओं ने अपने घर आए प्रदेश कार्यालय प्रभारी गोविंद नारायण शुक्ला से शिकायत की और शैल त्रिपाठी के इस्तीफे की मांग उठाई। इसके बाद महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष सरोज कुशवाहा पर इस्तीफा लेने का दबाव बनाया गया।
”इस्तीफा नहीं दिया तो काम नहीं करने देंगे” — सरोज कुशवाहा पर दबाव का आरोप
शैल त्रिपाठी ने आगे बताया कि 13 अक्टूबर की रात जब वह भाजपा कार्यालय से पार्टी का काम निपटाकर घर लौट रही थीं, तब महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष सरोज कुशवाहा का उनके पास व्हाट्सएप्प कॉल आया।
कॉल के दौरान सरोज कुशवाहा ने उनसे कहा, “तुम्हारे जिले के जिलाध्यक्ष विवेकानंद कल से मुझे लगातार फोन कर रहे हैं… तुम अपना इस्तीफा दे दो, वरना जिलाध्यक्ष विवेकानंद और राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी तुम्हें जिले में काम नहीं करने देंगे। यदि तुम इस्तीफा देती हो, तो तुम्हें प्रदेश उपाध्यक्ष का पद दे दिया जाएगा।”
शैल त्रिपाठी का रुख: ‘आत्मसम्मान से समझौता नहीं’
इस्तीफे के दबाव को खारिज करते हुए शैल त्रिपाठी ने साफ कहा कि उन्हें यह जिम्मेदारी शीर्ष नेतृत्व ने उनकी मेहनत के दम पर दी है। उन्होंने कहा कि यदि वह बिना किसी कारण इस्तीफा देती हैं, तो पूरे जिले में उनकी बेज्जती होगी और वह समाज में किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं रहेंगी। उन्होंने अपने आत्मसम्मान से कोई भी समझौता करने से स्पष्ट इनकार कर दिया है।
पार्टी के अंदर मचा हड़कंप
सोशल मीडिया पर शैल त्रिपाठी की इस पोस्ट के वायरल होते ही बस्ती से लेकर प्रदेश स्तर की भाजपा राजनीति में हड़कंप मच गया है। एक तरफ जहां पार्टी संगठन अनुशासन की बात करता है, वहीं शीर्ष और स्थानीय पदाधिकारियों पर लगे इन सीधे आरोपों ने पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान को उजागर कर दिया है।
अब देखना यह होगा कि इस तीखे मामले पर पार्टी का शीर्ष नेतृत्व क्या संज्ञान लेता है और संबंधित नेताओं की ओर से क्या सफाई आती है।
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