खाकी के साये में अवैध कारोबार? सिकंदरपुर में धड़ल्ले से चल रहा जुए का खेल और अवैध बालू का परिवहन

अजीत मिश्रा (खोजी)
खाकी की साख पर बट्टा: परशुरामपुर के सिकंदरपुर चौकी क्षेत्र में धड़ल्ले से चल रहा जुआ और अवैध बालू का खेल
- प्रति ट्रैक्टर 4 से 5 हजार की वसूली के आरोप! परशुरामपुर थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
- सिकंदरपुर चौकी क्षेत्र बना जुआरियों और अवैध बालू तस्करों का सेफ जोन, नवागत प्रभारी के सामने कड़ी अग्निपरीक्षा
- बस्ती: परशुरामपुर में खाकी की कार्यप्रणाली कटघरे में, क्या एसपी डॉ. यशवीर सिंह लेंगे इस खेल पर कड़ा एक्शन?
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के परशुरामपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला सिकंदरपुर और घघौवा चौकी क्षेत्र इन दिनों गंभीर चर्चाओं के केंद्र में है। क्षेत्र के चौक-चौराहों पर केवल एक ही सुगबुगाहट है कि क्या खाकी की छांव में ही अवैध कारोबारों को फलने-फूलने का लाइसेंस मिल गया है? स्थानीय स्तर पर जुए के अड्डों के संचालन और बिना रॉयल्टी के धड़ल्ले से दौड़ती बालू की ट्रैक्टर-ट्रॉलियों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर और तीखे सवाल खड़े कर दिए हैं।
जुए के फड़ और कानून की लाचारी
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सिकंदरपुर चौकी क्षेत्र के कई गुप्त ठिकानों पर जुए का कारोबार लंबे समय से बेखौफ चलाया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि समाज को दीमक की तरह खोखले कर रहे इस अवैध जुए के खेल की जानकारी होने के बावजूद जिम्मेदार आंखें मूंदे बैठे हैं। पुलिस की इस निष्क्रियता से अपराधियों और सटोरियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि उन्हें कानून का कोई खौफ ही नहीं बचा है।
बालू परिवहन और प्रति ट्रैक्टर 4 से 5 हजार की अवैध वसूली के गंभीर आरोप
क्षेत्र में केवल जुआ ही नहीं, बल्कि अवैध बालू का परिवहन भी एक बड़ा नासूर बनता जा रहा है। आरोप है कि बिना किसी वैध रॉयल्टी के बालू से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बेरोकटोक सड़कों पर दौड़ रही हैं।
जनता के बीच चर्चा है कि इस अवैध बालू के खेल में उगाही का एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। दावा किया जा रहा है कि बालू निकासी और आवागमन के नाम पर प्रत्येक ट्रैक्टर-ट्रॉली से 4 से 5 हजार रुपये तक की अवैध वसूली की जाती है। हालांकि इन सनसनीखेज आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है, लेकिन जनता के बीच गूंजता यह आक्रोश इस बात का स्पष्ट संकेत है कि व्यवस्था के भीतर कुछ तो बेहद गलत चल रहा है।
नवागत चौकी प्रभारी के सामने कड़ी अग्निपरीक्षा
क्षेत्र में हाल ही में तैनात किए गए चौकी प्रभारी राकेश कुमार मिश्रा के सामने इन तमाम अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाना सबसे बड़ी और पहली चुनौती बन गया है। जनता को उम्मीद थी कि नए नेतृत्व के आने से क्षेत्र में अमन-चैन और कानून का डर कायम होगा, लेकिन शुरुआती दौर में ही उनकी कार्यशैली पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। स्थानीय लोगों और प्रबुद्ध नागरिकों ने अब पुलिस के उच्चाधिकारियों से इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच कराए जाने की मांग की है।
अब एसपी डॉ. यशवीर सिंह के एक्शन पर टिकी निगाहें
यह पूरा प्रकरण अब बस्ती के पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह की चौखट पर पहुंच चुका है। क्षेत्र की जनता और जागरूक नागरिकों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कप्तान साहब इस गंभीर मामले पर क्या संज्ञान लेते हैं। यदि जांच में स्थानीय पुलिस की संलिप्तता या लापरवाही पाई जाती है, तो क्या दोषियों के खिलाफ कोई ठोस और मिसाल कायम करने वाली कार्रवाई होगी? यह तो आने वाला वक्त बताएगा, पर फिलहाल परशुरामपुर का यह इलाका खाकी की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल छोड़ रहा है।
🔔 Vande Bharat News Alerts
नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।





