आगर-मालवा। शहर में धार्मिक, सामाजिक और वैवाहिक आयोजनों की आड़ में तेज आवाज में बजाए जा रहे डीजे अब लोगों के लिए परेशानी का सबब बनते जा रहे हैं। हाई-फ्रीक्वेंसी साउंड और देर रात तक गूंजते डीजे के खिलाफ साई परिवार आगर ने मोर्चा खोलते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। संस्था ने डिप्टी कलेक्टर अनिता राय एवं एसडीओपी नीलम चौहान को ज्ञापन सौंपकर ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी रोक लगाने और मध्यप्रदेश कोलाहल अधिनियम का कड़ाई से पालन कराने की मांग की।
*बुजुर्ग-बच्चों की परेशानी का हवाला*
ज्ञापन में संस्था ने बताया कि शहर में विभिन्न धार्मिक, सामाजिक एवं वैवाहिक आयोजनों में निर्धारित सीमा से अधिक तेज आवाज में डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों का इस्तेमाल किया जा रहा है। देर रात तक तेज आवाज में बजने वाले डीजे से आसपास रहने वाले लोगों, विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। संस्था ने अत्यधिक ध्वनि को मानव स्वास्थ्य के लिए भी नुकसानदायक बताते हुए प्रशासन से प्रभावी निगरानी और कार्रवाई की मांग की।
*‘शिकायत करने वालों पर दबाव’ का भी आरोप*
साई परिवार ने ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया कि आयोजनों से जुड़े प्रभावशाली लोगों के कारण कई नागरिक चाहकर भी शिकायत नहीं कर पाते। संस्था के अनुसार, शिकायत करने वाले कुछ लोगों पर दबाव बनाने, धमकाने और शिकायत वापस लेने के लिए मजबूर करने जैसी बातें भी सामने आई हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन से शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई।
*70 डेसिबल की सीमा का पालन कराने की मांग*
संस्था ने प्रशासन से मांग की कि शहर में होने वाले धार्मिक, सामाजिक और वैवाहिक आयोजनों में डीजे एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों की आवाज को निर्धारित मानकों के भीतर रखा जाए। 70 डेसिबल की अनुमति और ध्वनि संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के साथ नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की मांग की गई। साई परिवार ने स्पष्ट किया कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों की आड़ में नियमों की अनदेखी कर आमजन की शांति और स्वास्थ्य प्रभावित नहीं होना चाहिए।