महुली की ऐतिहासिक रामलीला में रामजन्म लीला का भव्य मंचन

भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव से भक्तिमय हुआ रामलीला परिसर, व्यास दिलीप कुमार कन्नौजिया की रामायण चौपाइयों ने दर्शकों को किया भावविभोर; आज होगा ताड़का वध
महुली, सोनभद्र(राकेश कुमार कन्नौजिया)_विंढमगंज थाना क्षेत्र के महुली में आयोजित 80वीं ऐतिहासिक श्रीरामलीला के दूसरे दिन भगवान श्रीराम के जन्म की पावन लीला का भव्य मंचन किया गया। प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव का प्रसंग सामने आते ही रामलीला परिसर भक्ति और उल्लास से सराबोर हो उठा। रामायण की चौपाइयों, भक्ति संगीत और कलाकारों के सजीव अभिनय ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। पूरा परिसर जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा।
कार्यक्रम का शुभारंभ रामायण की आरती से हुआ। इसके बाद भगवान शिव की आरती उतारी गई। नृत्यकला की मनमोहक प्रस्तुति के पश्चात रामजन्म लीला का मंचन शुरू हुआ। कलाकारों ने त्रेतायुग की उस पावन कथा को जीवंत किया, जब धरती को रावण के अत्याचारों से मुक्त कराने के लिए भगवान विष्णु ने अयोध्या में भगवान श्रीराम के रूप में अवतार लिया।
देवताओं की प्रार्थना पर हुआ प्रभु श्रीराम का अवतार
रामलीला में प्रस्तुत कथा के अनुसार, त्रेतायुग में लंकापति रावण के अत्याचारों से देवता और ऋषि-मुनि परेशान थे। अपने बल और वरदान के अहंकार में चूर रावण धर्म-कर्म में बाधा डाल रहा था। उसके अत्याचारों से मुक्ति दिलाने के लिए देवताओं ने भगवान विष्णु से प्रार्थना की। देवताओं की पुकार सुनकर भगवान विष्णु ने अयोध्या के राजा दशरथ के घर जन्म लेकर अधर्म का नाश करने और धर्म की स्थापना करने का आश्वासन दिया।
उधर, अयोध्या के महाराज दशरथ संतान प्राप्ति की कामना से चिंतित थे। गुरु वशिष्ठ के मार्गदर्शन में उन्होंने पुत्रेष्टि यज्ञ कराया। यज्ञ के फलस्वरूप महारानी कौशल्या के गर्भ से भगवान श्रीराम, कैकेयी के गर्भ से भरत तथा सुमित्रा के गर्भ से लक्ष्मण और शत्रुघ्न का जन्म हुआ।
भगवान श्रीराम के जन्म से अयोध्या नगरी में खुशियां छा गईं। राजमहल से लेकर नगर की गलियों तक मंगलगीत गूंजने लगे और बधाइयां गाई जाने लगीं। चारों राजकुमारों के जन्म से अयोध्या में उत्सव का माहौल बन गया। इस पावन प्रसंग के मंचन ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
व्यास की चौपाइयों ने बांधा समां, आज होगा ताड़का वध
रामलीला के व्यास दिलीप कुमार कन्नौजिया ने रामायण की चौपाइयों के सस्वर पाठ और भावपूर्ण व्याख्या से रामजन्म प्रसंग को प्रभावशाली बनाया। उनकी प्रस्तुति ने दर्शकों और श्रोताओं को भक्तिरस में डुबो दिया। रामायण के प्रसंगों के माध्यम से धर्म, मर्यादा और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया गया।
रामलीला के तीसरे दिन आज ताड़का वध की लीला का मंचन किया जाएगा। इसमें ऋषि विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा के लिए भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के वनगमन तथा ताड़का वध के प्रसंग को प्रस्तुत किया जाएगा।
इस अवसर पर रामलीला मंडली के डायरेक्टर विश्वनाथ शर्मा, रामलीला समिति के अध्यक्ष अरविंद जायसवाल, कोषाध्यक्ष अमित कुमार कन्नौजिया, दिलगज राम कन्नौजिया सहित सैकड़ों की संख्या में दर्शक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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