Vande Bharat Live TV News
देश • राज्य • जिला — खबरें तेज़, साफ और विश्वसनीय तरीके से
Gaya

विश्वप्रसिद्ध पितृपक्ष मेला -2026का भव्य एवं ऐतिहासिक समापन, 51लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने किया पिंडदान l

11 Oct 2026, 12:12 AM • Vande Bharat Live TV News
📣 शेयर करें: Facebook X Telegram LinkedIn लिंक कॉपी हो गया ✅
विश्वप्रसिद्ध पितृपक्ष मेला -2026का भव्य एवं ऐतिहासिक समापन, 51लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने किया पिंडदान l - गया, बिहार

*विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला-2026 का भव्य एवं ऐतिहासिक समापन, 51 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने किया पिंडदान*

*जिला पदाधिकारी ने सभी पदाधिकारियों, कर्मियों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं गया जिलावासियों के प्रति जताया आभार; उत्कृष्ट मेला प्रबंधन, बेहतर सुविधाओं एवं सेवाभाव की देश-विदेश में हुई सराहना*

गया, 10 अक्टूबर 2026, विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला-2026 का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ। 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक आयोजित इस वर्ष का पितृपक्ष मेला ऐतिहासिक एवं यादगार साबित हुआ। मेला के सफल आयोजन को लेकर जिला प्रशासन द्वारा लगभग तीन माह पूर्व से ही व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। सुव्यवस्थित प्रबंधन, बेहतर आधारभूत सुविधाओं, सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं तथा श्रद्धालुओं के प्रति सेवाभाव के परिणामस्वरूप देश-विदेश से आए लाखों तीर्थयात्रियों ने बिहार सरकार एवं जिला प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना की।
मेला के समापन अवसर पर जिला पदाधिकारी, गया श्री शशांक शुभंकर ने सभी प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारियों, नगर निगम, स्वास्थ्य, परिवहन एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों-कर्मियों, सफाईकर्मियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, समाजसेवियों, एनसीसी कैडेटों, स्काउट एवं गाइड के सदस्यों, नेहरू युवा केंद्र के स्वयंसेवकों, मीडिया प्रतिनिधियों तथा गया जिलावासियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयास, बेहतर समन्वय और समर्पित सेवाभाव से इस वर्ष का पितृपक्ष मेला ऐतिहासिक एवं स्मरणीय बना है। देश-विदेश से आए श्रद्धालु गया जिला और बिहार की सकारात्मक छवि लेकर अपने घर लौटे हैं।

*51 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया पिंडदान, 40 से अधिक विदेशी पिंडदानियों ने भी लिया भाग*
इस वर्ष पितृपक्ष मेला के दौरान 51 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने गयाजी पहुंचकर अपने पूर्वजों के निमित्त पिंडदान एवं तर्पण किया। अमेरिका, रूस, फ्रांस, जर्मनी, दक्षिण अफ्रीका सहित विभिन्न देशों से 40 से अधिक विदेशी पिंडदानी भी गयाजी पहुंचे। विदेशी श्रद्धालुओं ने यहां की व्यवस्थाओं, स्वच्छता, भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन तथा धार्मिक स्थलों पर उपलब्ध सुविधाओं की सराहना की।
श्रद्धालुओं ने विशेष रूप से फल्गु नदी में पर्याप्त जल की उपलब्धता और गयाजी डैम को आकर्षण का प्रमुख केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि पहले फल्गु नदी में तर्पण के लिए गड्ढा खोदकर पानी निकालना पड़ता था, जबकि अब पर्याप्त जल उपलब्ध होने से श्रद्धालु सुविधापूर्वक तर्पण कर पा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने बिहार सरकार एवं जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना की।

*श्रद्धालुओं के बीच गंगाजल वितरण बना विशेष आकर्षण*
माननीय मुख्यमंत्री के निर्देश के आलोक में श्रद्धालुओं के बीच गंगाजल को पाउच में पैक कर उपहार स्वरूप वितरित किया गया। गांधी मैदान स्थित टेंट सिटी, विष्णुपद मंदिर के समीप प्याऊ, देवघाट एवं सीताकुंड सहित विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं को गंगाजल उपलब्ध कराया गया। गया-बोधगया के विभिन्न पिंडवेदी स्थलों तक भी गंगाजल पहुंचाया गया। जिला प्रशासन एवं पंडा समाज के सहयोग से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के बीच गंगाजल का वितरण किया गया, जिसकी देश-विदेश से आए तीर्थयात्रियों ने प्रशंसा की।

*टेंट सिटी में 20 हजार से अधिक तीर्थयात्रियों को निःशुल्क आवासन*
गांधी मैदान में बिहार सरकार एवं पर्यटन विभाग के सहयोग से विकसित टेंट सिटी इस वर्ष की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल रही। यहां तीर्थयात्रियों के लिए निःशुल्क आवासन सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। मेला अवधि के दौरान 20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने टेंट सिटी में आवासन किया। यहां जीविका दीदियों के स्टॉल एवं सुधा के काउंटर भी लगाए गए, जिससे श्रद्धालुओं को आवश्यक सामग्री एवं खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित हुई।

*10.70 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने निःशुल्क ई-रिक्शा सेवा का लिया लाभ*
श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए मेला क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर निःशुल्क ई-रिक्शा की व्यवस्था की गई। विष्णुपद मंदिर से चांद चौराहा तथा विष्णुपद मंदिर से बंगाली आश्रम तक नो-व्हीकल जोन बनाकर पर्याप्त संख्या में ई-रिक्शा उपलब्ध कराए गए। इस सुविधा से लगभग 10 लाख 70 हजार से अधिक तीर्थयात्रियों ने लाभ उठाया।
विष्णुपद मंदिर में श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन के लिए व्यवस्थित कतार प्रणाली लागू की गई। इससे गर्भगृह में श्रद्धालुओं का प्रवेश क्रमबद्ध तरीके से सुनिश्चित हुआ तथा भीड़ प्रबंधन प्रभावी बना रहा। मंदिर परिसर एवं संकीर्ण गलियों में वॉकी-टॉकी के साथ पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई, ताकि भीड़ की स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा सके और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।

*स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय उपलब्धि*
मेला अवधि के दौरान विभिन्न स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से 1,56,208 से अधिक तीर्थयात्रियों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। सिविल सर्जन एवं जिला स्वास्थ्य समिति की टीम द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित समीक्षा की गई तथा जरूरत पड़ने पर त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।
बोधगया में महाबोधि मंदिर के समीप बीटीएमसी द्वारा भी निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर संचालित किया गया, जहां 15 प्रकार की दवाइयां उपलब्ध थीं। इन शिविरों के माध्यम से 10 हजार से अधिक लोगों का उपचार किया गया। इसके अतिरिक्त, मेला क्षेत्र की दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए फूड इंस्पेक्टर की टीम द्वारा लगातार जांच की गई।

*बुजुर्गों के लिए व्हीलचेयर, जूता-चप्पल स्टैंड एवं खोया-पाया की बेहतर व्यवस्था*
अति बुजुर्ग एवं चलने-फिरने में असमर्थ श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विष्णुपद मंदिर क्षेत्र में व्हीलचेयर सेवा उपलब्ध कराई गई। पूरे मेला अवधि में लगभग एक हजार तीर्थयात्रियों ने इस सुविधा का लाभ उठाया। श्रद्धालुओं के जूते-चप्पल सुरक्षित रखने के लिए तीन अलग-अलग स्थानों पर स्टैंड बनाए गए, जिनका संचालन स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा किया गया।
देवघाट स्थित नियंत्रण कक्ष के खोया-पाया केंद्र के माध्यम से लगभग 1,334 श्रद्धालुओं को उनके परिजनों से मिलाया गया। वहीं, संवास सदन नियंत्रण कक्ष में स्थापित आईवीआरएस प्रणाली के माध्यम से पांच हजार से अधिक कॉल के जरिए श्रद्धालुओं की समस्याओं का संबंधित पदाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर समाधान कराया गया।

*एसडीआरएफ एवं गोताखोरों की तैनाती से सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़*
नदी, तालाब एवं सरोवरों में जलस्तर बढ़ने को देखते हुए एसडीआरएफ एवं गोताखोरों की टीमों की संख्या बढ़ाई गई। विभिन्न जलाशयों में नाव सहित बचाव दल तैनात किए गए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। इससे जल क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिली।

*निर्बाध विद्युत आपूर्ति एवं स्वच्छता पर विशेष जोर*
इस वर्ष मेला क्षेत्र में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाए गए। इसका उद्देश्य लो-वोल्टेज की समस्या से बचाव करते हुए श्रद्धालुओं को सुचारु बिजली उपलब्ध कराना था।
नगर निगम द्वारा मेला क्षेत्र, घाटों, आवासन स्थलों एवं टेंट सिटी में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। फल्गु नदी में पूजा सामग्री एवं अन्य अपशिष्ट को हटाने के लिए जाल के माध्यम से लगातार सफाई की गई। डेंगू से बचाव के लिए मेला क्षेत्र एवं आवासन स्थलों में फॉगिंग की व्यवस्था की गई। विष्णुपद मंदिर के गर्भगृह एवं परिसर में भी नियमित सफाई सुनिश्चित की गई, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिल सके।

*बेहतर सड़क एवं यातायात प्रबंधन से श्रद्धालुओं को मिली सुविधा*
मेला शुरू होने से पहले प्रमुख सड़कों की मरम्मत एवं आवश्यक स्थानों पर नई सड़क का निर्माण कराया गया। इनमें चांद चौरा से विष्णुपद मंदिर, पितामहेश्वर की मुख्य सड़क, रामशिला-प्रेतशिला मार्ग तथा घुघड़ीटांड़ बाईपास प्रमुख रूप से शामिल रहे। विभिन्न तिथियों पर संबंधित पिंडवेदी स्थलों की धार्मिक महत्ता एवं संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त पदाधिकारियों, पुलिस बल तथा सफाईकर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई।

*AI तकनीक का भरपूर उपयोग इस वर्ष मेला में किया गया*
*इस वर्ष श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एआई तकनीक का भी उपयोग किया गया। स्थानीय भाषा नहीं समझने वाले श्रद्धालुओं से उनकी भाषा में संवाद करने, अनुवाद के माध्यम से उनकी समस्याओं को समझने तथा परिजनों से मिलाने में तकनीक की सहायता ली गई। छोटे बच्चों एवं बुजुर्गों के सुरक्षित आवागमन के उद्देश्य से क्यूआर कोड आधारित रिस्टबैंड की व्यवस्था भी की गई।*

*जिला पदाधिकारी ने सभी के सामूहिक प्रयासों को बताया सफलता का आधार*
जिला पदाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने कहा कि पितृपक्ष मेला-2026 की सफलता सामूहिक प्रयास, बेहतर समन्वय एवं सेवाभाव का परिणाम है। जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन ने मेला क्षेत्र के प्रत्येक प्रमुख स्थल पर श्रद्धालुओं को सहयोग एवं सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष की व्यवस्थाएं आने वाले वर्षों के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनेंगी। उन्होंने सभी पदाधिकारियों, कर्मियों, स्वयंसेवकों, सामाजिक संगठनों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि सभी के सहयोग से मेला का सफल एवं शांतिपूर्ण समापन संभव हुआ।

*जिला परिषद अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद ने की व्यवस्थाओं की सराहना*
जिला परिषद अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि सभी के सहयोग से पितृपक्ष मेला का आयोजन सफल रहा। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी बड़ी संख्या में तीर्थयात्री गयाजी पहुंचे और उन्होंने यहां उपलब्ध व्यवस्थाओं की प्रशंसा की।
राज्यसभा सांसद श्री भीम सिंह ने जिला प्रशासन एवं नगर निगम द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि गयाजी में बेहतर मेला प्रबंधन की चर्चा दूसरे राज्यों के साथ-साथ देश-विदेश में भी हो रही है। उन्होंने गयाजी की धार्मिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह मोक्ष की पावन भूमि है और पितृपक्ष में पूर्वजों का पिंडदान करने के लिए श्रद्धालु यहां आते हैं।

*प्रभारी मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने सेवा एवं समर्पण को बताया आयोजन की पहचान*
माननीय प्रभारी मंत्री, गया जिला सह कृषि मंत्री, बिहार सरकार श्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि जिला प्रशासन, नगर प्रशासन एवं गया की आम जनता ने पूरी तन्मयता और सेवाभाव के साथ श्रद्धालुओं की सहायता की है। उन्होंने कहा कि गयाजी केवल एक तीर्थस्थल नहीं, बल्कि भारत की सनातन संस्कृति, आस्था, श्रद्धा और पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता की जीवंत अभिव्यक्ति है।
उन्होंने पितृपक्ष के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व हमें अपने पूर्वजों, माता-पिता, परिवार एवं समाज के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का संदेश देता है। उन्होंने मेला के सफल आयोजन में योगदान देने वाले सभी विभागों, सफाईकर्मियों, चिकित्साकर्मियों, पुलिसकर्मियों, स्वयंसेवकों, सामाजिक संगठनों, तीर्थ पुरोहितों एवं स्थानीय नागरिकों को बधाई दी तथा उनके प्रति आभार व्यक्त किया।

*बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने गयाजी को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक केंद्र बनाने पर दिया जोर*
माननीय बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने भगवान विष्णु, माता सीता एवं मोक्षदायिनी फल्गु नदी को नमन करते हुए कहा कि गयाजी की पावन धरती देश की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। पितृपक्ष मेला हमारी सनातन परंपरा, धार्मिक आस्था एवं पूर्वजों के प्रति सम्मान का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि पितृपक्ष मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि बिहार की सांस्कृतिक पहचान एवं पर्यटन की संभावनाओं का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। इससे स्थानीय व्यापारियों, दुकानदारों, परिवहन सेवाओं, होटल व्यवसायियों तथा अन्य कामगारों को रोजगार के अवसर प्राप्त होते हैं।
उन्होंने कहा कि गयाजी को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए सड़क, आवासन, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा एवं यातायात जैसी सुविधाओं को निरंतर बेहतर बनाना आवश्यक है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक विरासत एवं धार्मिक पर्यटन को मिली नई पहचान का उल्लेख करते हुए बिहार सरकार के विकास प्रयासों की भी चर्चा की।
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि मेला समाप्त होने के बाद भी स्वच्छता, फल्गु नदी के संरक्षण, धार्मिक स्थलों की गरिमा एवं शहर के समग्र विकास के प्रति सभी की जिम्मेदारी बनी रहती है। उन्होंने युवाओं से अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझने, अगली पीढ़ी तक पहुंचाने तथा स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक सेवा को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।

*केंद्रीय मंत्री श्री जीतन राम मांझी ने की उत्कृष्ट मेला प्रबंधन की सराहना*
माननीय केंद्रीय मंत्री श्री जीतन राम मांझी ने अपने संबोधन में कहा कि पितृपक्ष मेला-2026 ने इतिहास रचा है। राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन ने बड़ी संख्या में आए श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराकर उत्कृष्ट कार्य किया है। उन्होंने अपने पिछले 46 वर्षों के अनुभव का उल्लेख करते हुए इस वर्ष के मेला प्रबंधन की सराहना की और कहा कि प्रशासन, नगर निगम, पुलिस तथा आम नागरिकों के सामूहिक प्रयासों से आयोजन भव्य एवं सफल बना। देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालुओं ने भी यहां की व्यवस्थाओं की प्रशंसा की है।
उन्होंने गयाजी एवं बोधगया के विकास को नई गति देने की आवश्यकता पर बल देते हुए उज्जैन एवं अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों की तर्ज पर आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की बात कही। उन्होंने गया-बोधगया कॉरिडोर के निर्माण कार्य में तेजी लाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और वर्षभर अधिक संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन संभव होगा। उन्होंने निरंजना नदी से मुहाने नदी तक गाद की उड़ाही एवं नदी की सफाई की आवश्यकता पर भी बल दिया।

*समापन समारोह में गणमान्य लोग रहे उपस्थित*
समापन समारोह में माननीय केंद्रीय मंत्री श्री जीतन राम मांझी, माननीय बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, माननीय प्रभारी मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा, राज्यसभा सांसद श्री भीम सिंह, जिला परिषद अध्यक्ष, 20 सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यगण, नागरिक परिषद के प्रतिनिधि, मगध प्रमंडल के आयुक्त, गया नगर निगम के नगर आयुक्त, मंदिर प्रबंधकारिणी समिति के पुरोहितगण, जिला स्तरीय पदाधिकारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
पितृपक्ष मेला-2026 का सफल समापन प्रशासनिक समन्वय, जनसहभागिता, तकनीक के उपयोग और सेवा-समर्पण की भावना का उत्कृष्ट उदाहरण रहा। जिला प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं गया जिलावासियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी गयाजी को स्वच्छ, सुरक्षित, सुविधायुक्त एवं विश्वस्तरीय आध्यात्मिक केंद्र बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

रिपोर्टर -त्रिलोकी नाथ गयाजी बिहार

📣 शेयर करें: Facebook X Telegram LinkedIn लिंक कॉपी हो गया ✅

🔔 Vande Bharat News Alerts

नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।

संबंधित और ताज़ा खबरें

पंचायत चुनाव के प्रत्याशियों के लिए रविवार को होगा प्रबोधन प्रशिक्षण शिविर
Pali10 Oct

पंचायत चुनाव के प्रत्याशियों के लिए रविवार को होगा प्रबोधन प्रशिक्षण शिविर

पंचायत चुनाव के प्रत्याशियों के लिए रविवार को होगा प्रबोधन प्रशिक्षण शिविर नामांकन प्रक्रिया से जुड़ी बारीकियों की…

पूरी खबर पढ़ें →
Vande Bharat Live TV NewsVande Bharat Live TV News
Faridkot10 Oct

ਫਰੀਦਕੋਟ ਹਰਿੰਦਰਾ ਨਗਰ ਦੀ ਕੁੜੀ ਨੂੰ ਗੁਪਤ ਸੂਚਨਾਵਾਂ ਪਾਕਿਸਤਾਨ ਭੇਜਣ ਦੇ ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਚ ਕੀਤਾ ਗ੍ਰਿਫਤਾਰ

Breaking News - ਹੁਣੇ ਹੁਣੇ ਆਈ ਵੱਡੀ ਖਬਰ। ਫਰੀਦਕੋਟ ਦੇ ਹਰਿੰਦਰਾ ਨਗਰ ਦੀ ਕੁੜੀ ਨੂੰ ਗੁਪਤ ਸੂਚਨਾਵਾਂ ਪਾਕਿਸਤਾਨ…

पूरी खबर पढ़ें →
महोबा में खाद की कालाबाजारी और ओवररेटिंग पर होगी कार्रवाई, डीएम ने दिए सख्त निर्देश
Mahoba10 Oct

महोबा में खाद की कालाबाजारी और ओवररेटिंग पर होगी कार्रवाई, डीएम ने दिए सख्त निर्देश

महोबा में खाद की कालाबाजारी और ओवररेटिंग पर होगी कार्रवाई, डीएम ने दिए सख्त निर्देश रिपोर्ट-लक्ष्मी कान्त सोनी…

पूरी खबर पढ़ें →
बलरामपुर में विकास को नई रफ्तार: ₹803 करोड़ की 78 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास, मेडिकल कॉलेज से लेकर चीनी मिल के विस्तार तक कई कार्य।
Balrampur10 Oct

बलरामपुर में विकास को नई रफ्तार: ₹803 करोड़ की 78 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास, मेडिकल कॉलेज से लेकर चीनी मिल के विस्तार तक कई कार्य।

बलरामपुर। मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथ ने कहा कि बलरामपुर अब पिछड़ा जनपद नहीं, बल्कि गांव, गरीब, किसान और नौजवानों की…

पूरी खबर पढ़ें →
गाजीपुर: स्कूल परिसर में करंट की चपेट में आने से कक्षा तीन के छात्र उत्कर्ष गुप्ता की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
Ghazipur10 Oct

गाजीपुर: स्कूल परिसर में करंट की चपेट में आने से कक्षा तीन के छात्र उत्कर्ष गुप्ता की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

जंगीपुर (गाजीपुर)। जिस विद्यालय में बच्चे शिक्षा हासिल करने और सुरक्षित माहौल में अपना भविष्य संवारने जाते हैं,…

पूरी खबर पढ़ें →
फर्जी दस्तावेजों से रजिस्ट्रेशन कराने वाले FMG डॉक्टरों पर MMC की सख्त कार्रवाई, 22 संदिग्ध मिले
Chandrapur10 Oct

फर्जी दस्तावेजों से रजिस्ट्रेशन कराने वाले FMG डॉक्टरों पर MMC की सख्त कार्रवाई, 22 संदिग्ध मिले

समीर वानखेड़े ब्यूरो चीफ: विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट (FMG) के रजिस्ट्रेशन में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल और महाराष्ट्र मेडिकल…

पूरी खबर पढ़ें →
error: Content is protected !!