लक्ष्मण शक्ति से सुलोचना विलाप तक, भावनाओं के सागर में डूबा महुली का रामलीला मैदान

संजीवनी से जागे लक्ष्मण, श्रीराम के बाणों से धराशायी हुआ कुंभकर्ण और लक्ष्मण ने किया मेघनाद का अंत; विजयादशमी पर आज दोपहर तीन बजे रावण वध और पुतला दहन के साथ गूंजेगा धर्म विजय का जयघोष
महुली, सोनभद्र(राकेश कुमार कन्नौजिया)_कहीं रणभूमि में वीरता का उद्घोष, कहीं भाई के प्रति प्रेम की अनुपम मिसाल और कहीं पति के वियोग में करुण विलाप। कुछ ऐसे ही भावपूर्ण दृश्यों के बीच दुद्धी ब्लॉक के महुली स्थित श्री राजा बरियार शाह खेल मैदान में चल रही 80वीं रामलीला के बारहवें दिन लक्ष्मण शक्ति, कुंभकर्ण वध, मेघनाद वध और सुलोचना विलाप की लीलाओं का भव्य मंचन किया गया। कलाकारों के प्रभावशाली अभिनय और रामायण की चौपाइयों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ रामलीला समिति के उपाध्यक्ष जितेंद्र जौहरी ने प्रभु श्रीराम की आरती उतारकर किया। इसके बाद व्यास दिलीप कुमार कन्नौजिया ने रामायण के छंदों और चौपाइयों का सस्वर पाठ कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। जैसे-जैसे कथा आगे बढ़ी, मंच पर सजीव होते प्रसंग दर्शकों की उत्सुकता और भावनाओं को गहराते गए।
लीला में दिखाया गया कि लंका के रणक्षेत्र में श्रीराम की वानर सेना और रावण की राक्षस सेना के बीच भीषण युद्ध चल रहा है। मेघनाद अपनी मायावी शक्तियों का प्रयोग करते हुए लक्ष्मण पर शक्तिबाण चला देता है, जिससे वे मूर्छित होकर धरती पर गिर पड़ते हैं। अपने प्रिय अनुज की दशा देखकर प्रभु श्रीराम व्याकुल हो उठते हैं। संकट की इस घड़ी में हनुमानजी संजीवनी बूटी लाने के लिए निकल पड़ते हैं। बूटी की पहचान न कर पाने पर वे पूरा पर्वत ही उठा लाते हैं। संजीवनी के प्रभाव से लक्ष्मण पुनः चेतना प्राप्त करते हैं। यह दृश्य भाई के प्रति अटूट प्रेम, सेवा और समर्पण का संदेश देता है।
इसके बाद रावण के आदेश पर कुंभकर्ण युद्धभूमि में उतरता है। अपने विशाल शरीर और प्रचंड शक्ति से वह वानर सेना में खलबली मचा देता है, लेकिन अंततः प्रभु श्रीराम के बाणों से उसका वध हो जाता है। उधर, लक्ष्मण और मेघनाद के बीच निर्णायक युद्ध होता है, जिसमें लक्ष्मण मेघनाद का अंत कर देते हैं। मेघनाद की मृत्यु का समाचार मिलते ही उसकी पत्नी सुलोचना का विलाप मंच पर करुणा का ऐसा दृश्य उपस्थित करता है कि दर्शक भावुक हो उठते हैं। इन प्रसंगों ने अहंकार, अन्याय और अधर्म के विनाश का संदेश दिया।
इस अवसर पर रामलीला डायरेक्टर विश्वनाथ शर्मा, महंत दयाराम कन्नौजिया, समिति अध्यक्ष अरविंद जायसवाल, उपाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार कन्नौजिया, कोषाध्यक्ष अमित कुमार कन्नौजिया, मनोज कुमार कन्नौजिया ,राजनाथ गोस्वामी सहित रामलीला समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
आज होगा रावण वध, अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश
विजयादशमी के पावन अवसर पर आज मंगलवार को अपराह्न तीन बजे से रावण वध लीला का मंचन किया जाएगा। इसके पश्चात रावण के पुतले का दहन होगा। बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक यह आयोजन रामलीला का प्रमुख आकर्षण रहेगा। रावण दहन के साथ मैदान में विजयादशमी का उल्लास छाएगा और प्रभु श्रीराम के जयकारों से महुली का वातावरण भक्तिमय हो उठेगा।
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