बिलाईगढ़ में विकास की पांच बड़ी सौगाते, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की महत्वपूर्ण घोषणाएं

सारंगढ़-बिलाईगढ़, चित्रसेन घृतलहरे :-राजशाही दशहरा उत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री, भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाने और सांस्कृतिक विरासत सहेजने का किया आह्वान
सारंगढ़–बिलाईगढ़, 21 अक्टूबर 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय बुधवार को सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिले के नगर पंचायत बिलाईगढ़ के रैनीभाठा में आयोजित ऐतिहासिक राजशाही दशहरा उत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्रवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए बिलाईगढ़ के विकास और नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए पांच महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें अपर कलेक्टर कार्यालय खोलने, तीन करोड़ रुपये की लागत से गौरव पथ निर्माण, मुक्तिधाम, राजमहल मार्ग पर पुल तथा मां समलाई माता मंदिर के पास डोम शेड निर्माण की घोषणा शामिल है।
मुख्यमंत्री ने राजपरिवार और आयोजन समिति को ऐतिहासिक राजशाही दशहरा उत्सव की परंपरा को बनाए रखने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह उत्सव क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने नागरिकों से भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने तथा समाज में प्रेम, एकता और सद्भाव बनाए रखने की अपील की।
पांच घोषणाओं से विकास को मिलेगी गति
मुख्यमंत्री श्री साय ने बिलाईगढ़ में अपर कलेक्टर कार्यालय खोलने की घोषणा की। इससे क्षेत्रवासियों को प्रशासनिक कार्यों के लिए स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलने और विभिन्न समस्याओं के निराकरण में सहूलियत होने की उम्मीद है।
उन्होंने बस स्टैंड से हायर सेकेंडरी स्कूल तक तीन करोड़ रुपये की लागत से गौरव पथ निर्माण की घोषणा की। इसके अलावा नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 15 में मुक्तिधाम निर्माण, राजमहल जाने वाले मार्ग पर पुल निर्माण तथा मां समलाई माता मंदिर के पास डोम शेड निर्माण की घोषणा भी की।
इन कार्यों से नगर की सड़क व्यवस्था, आवागमन, सार्वजनिक सुविधाओं और धार्मिक आयोजनों के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं का विस्तार होगा।
विजयादशमी बुराइयों पर अच्छाई की जीत का प्रतीक
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन की शुरुआत भगवान श्रीराम, माता सीता, पवनपुत्र हनुमान, मां जगदंबा, भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी के जयकारों के साथ की। उन्होंने कहा कि विजयादशमी अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का पर्व है। भगवान श्रीराम ने इसी दिन अहंकारी और अत्याचारी रावण का वध किया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिवर्ष रावण के पुतलों का दहन किया जाता है, लेकिन इस पर्व की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब मनुष्य अपने भीतर मौजूद काम, क्रोध, मद, लोभ और अहंकार जैसी बुराइयों को समाप्त करे। भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलकर समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को बढ़ावा देना ही विजयादशमी का मूल संदेश है।
उन्होंने राजपरिवार और बिलाईगढ़वासियों द्वारा किए गए आत्मीय स्वागत एवं सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पीढ़ियों से राजपरिवार द्वारा इस परंपरा को सहेजकर रखा गया है। क्षेत्रवासी भी पूरी श्रद्धा, उत्साह और सामूहिक सहभागिता के साथ इस उत्सव को मनाते आ रहे हैं।
छत्तीसगढ़ का भगवान श्रीराम से गहरा नाता
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के साथ भगवान श्रीराम के धार्मिक और सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। वनवास काल में भगवान श्रीराम ने दंडकारण्य क्षेत्र में लंबा समय व्यतीत किया था।
उन्होंने शिवरीनारायण में माता शबरी की भक्ति से जुड़ी परंपरा और राजिम के पवित्र त्रिवेणी संगम का उल्लेख करते हुए कहा कि ये स्थल प्रदेश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण केंद्र हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़वासी भगवान श्रीराम को अपना भांजा मानते हैं। अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा से प्रदेशवासियों में विशेष प्रसन्नता हुई। इसी आस्था को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार श्रीरामलला दर्शन योजना संचालित कर रही है। इस योजना के अंतर्गत अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु शासकीय खर्च पर अयोध्या धाम जाकर भगवान श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं।
नक्सलवाद के खिलाफ सफलता से बस्तर में विकास की नई संभावनाएं
मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर में नक्सलवाद के विरुद्ध मिली सफलताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य, वन और खनिज संपदा से समृद्ध बस्तर लंबे समय तक नक्सलवाद के कारण विकास की मुख्यधारा से प्रभावित रहा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन, सुरक्षा बलों के साहस और स्थानीय जनता के सहयोग से नक्सलवाद के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलताएं मिली हैं। बस्तर में शांति और सुरक्षा का वातावरण बनने से विकास की नई संभावनाएं सामने आ रही हैं। इससे सड़क, रेल और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार का मार्ग भी प्रशस्त हो रहा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना से गरीब परिवारों को मिल रहा लाभ
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने मोदी की गारंटी के अंतर्गत किए गए अधिकांश वादों को पूरा करने की दिशा में काम किया है।
उन्होंने बताया कि सरकार गठन के अगले ही दिन 14 दिसंबर 2023 को पहली मंत्रिपरिषद की बैठक में 18 लाख गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया था। केंद्र सरकार से आवासों की स्वीकृति मिलने के बाद प्रदेश में निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य में प्रतिदिन लगभग 1,600 प्रधानमंत्री आवास बनाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 के सर्वेक्षण के आधार पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा छत्तीसगढ़ के लिए तीन लाख 65 हजार अतिरिक्त प्रधानमंत्री आवासों की घोषणा की गई थी। इन आवासों की स्वीकृति की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।
किसानों की समृद्धि और रेल सुविधाओं का विस्तार प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा बताते हुए कहा कि किसानों और ग्रामीण परिवारों की समृद्धि राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने प्रदेश में अधोसंरचना विकास और रेल सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार से छत्तीसगढ़ को लगातार सहयोग मिल रहा है।
उन्होंने विजयादशमी के अवसर पर प्रदेश को मिली नई रेल परियोजनाओं की सौगात का जिक्र किया। साथ ही रायपुर से रावघाट रेल परियोजना तथा रायपुर, कुरूद और धमतरी क्षेत्र में रेल संपर्क के विस्तार से जुड़े कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रेल सुविधाओं के विकास से आवागमन सुगम होने के साथ आर्थिक गतिविधियों और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े ने रखीं क्षेत्रीय मांगें
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े ने कहा कि बिलाईगढ़ का राजशाही दशहरा उत्सव क्षेत्र की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा हुआ है। राजपरिवार द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित इस उत्सव में क्षेत्रवासियों की व्यापक सहभागिता रहती है।
उन्होंने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद समारोह में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही बिलाईगढ़ नगर में लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से गौरव पथ निर्माण की मांग रखी।
पूर्व विधायक ने नगर स्थित 50 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बिस्तरों की संख्या बढ़ाकर स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने का भी आग्रह किया, ताकि बिलाईगढ़ सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में क्षेत्र की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए गौरव पथ सहित पांच महत्वपूर्ण विकास कार्यों की घोषणा की।
जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे उपस्थित
इस अवसर पर श्री ओंकारेश्वर शरण सिंह, श्री सौभाग्य शरण सिंह, श्री युवराज शरण सिंह, सुश्री गर्विता सिंह, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े, पूर्व विधायक श्रीमती कराबाई मनहर, पूर्व विधायक सुश्री कामता जोल्हे, श्री ज्योति पटेल, श्री जगन्नाथ पाणिग्राही, श्री सुभाष जलान, श्री द्वारिका प्रसाद साहू, कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू, पुलिस अधीक्षक श्री सुनील शर्मा तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री ऋषिकेश तिवारी सहित राजपरिवार के सदस्य, जनप्रतिनिधि, आयोजन समिति के पदाधिकारी, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
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