अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमके बिजनौर के शाश्वत धीमान, उत्कृष्ट प्रबंधन के लिए मिला ‘ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी अवार्ड

बिजनौर : दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस कॉलेज में आयोजितl एक भव्य अंतरराष्ट्रीय समारोह में बिजनौर के शाश्वत धीमान को उनके द्वारा तैयार की गई सर्वश्रेष्ठ प्रबंधन रूपरेखा (आउटस्टैंडिंग मैनेजमेंट फ्रेमवर्क) के लिए प्रतिष्ठित 'ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी अवार्ड' से सम्मानित किया गया है। संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) पर आधारित इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर शाश्वत धीमान के प्रबंधन मॉडल को इसलिए चुना गया क्योंकि यह पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ आधुनिक उद्योग जगत को एक नई और जिम्मेदार दिशा देने में पूरी तरह सक्षम है।
इस वैश्विक मुहिम और पुरस्कार की स्थापना एआरसी/एआरसीएडटेक के सह-संस्थापक अनित गुप्ता और रितु मल्होत्रा द्वारा सामूहिक रूप से की गई थी, जिसका उद्देश्य दुनिया भर में पर्यावरण संरक्षण और क्लाइमेट एक्शन को बढ़ावा देना है। आयोजित हुए इस गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी वर्चुअली जुड़े रहे।
वहीं समारोह में प्रत्यक्ष रूप से देश की पहली महिला पैरालंपिक पदक विजेता डॉ. दीपा मलिक व मैगसेसे पुरस्कार विजेता डॉ.
अंशु गुप्ता बतौर 'गेस्ट ऑफ ऑनर' मौजूद रहे। इस पुरस्कार प्रक्रिया में अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी जैसे कई देशों के विशेषज्ञों से सजी अंतरराष्ट्रीय जूरी का मूल्यांकन विकल्प शामिल रहा, जिसके कड़े पैमानों पर शाश्वत के मॉडल को सर्वश्रेष्ठ पाया गया।
इस गरिमामयी समारोह में भारत के कई राज्यों से लोग पहुंचे थे, साथ ही देश-विदेश के भी तमाम प्रतिनिधि शामिल हुए थे। समारोह के दौरान टेरी (द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट) की महानिदेशक डॉ.
विभा धवन और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया (वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर-इंडिया) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रवि सिंह सहित देश-विदेश के कई बड़े कॉर्पोरेट लीडर्स और पर्यावरणविद् उपस्थित थे। संस्थापकों के विजन के अनुसार, यह वैश्विक आंदोलन अगले 10 वर्षों में दुनिया भर में 10 करोड़ चेंजमेकर्स तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
जिसके तहत इसे तीन अंतरराष्ट्रीय चैप्टर—उत्तरी अमेरिका (अटलांटा), भारत (दिल्ली), और संयुक्त अरब अमीरात (दुबई) के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शाश्वत धीमान के इस बेहतरीन प्रबंधन मॉडल को भविष्य के सतत विकास के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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