जिला रिपोर्टर सुरेश चौहान आगर मालवा मध्य प्रदेश सूखे खेतों को मिला ‘अमृत’, गरड़ा का सरोवर बना किसानों की खुशहाली का आधार जल संरक्षण की मिसाल बना अमृत सरोवर, भूजल स्तर में सुधार से

आगर-मालवा, 25 अक्टूबर। कभी पानी की कमी से जूझने वाले सुसनेर विकासखंड के ग्राम गरड़ा की तस्वीर अब बदल रही है। यहां निर्मित अमृत सरोवर गांव के लिए जीवनदायिनी साबित हो रहा है। बारिश के पानी को सहेजने की इस पहल ने न केवल भूजल स्तर सुधारने में मदद की, बल्कि किसानों की सिंचाई संबंधी परेशानियां कम करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में भी अहम भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमृत सरोवर अभियान के तहत तैयार यह जलाशय अब जिले में जल संरक्षण की प्रेरक मिसाल बनकर उभरा है।
*बारिश का पानी सहेजा, गांव की बदली तस्वीर*
कुछ समय पहले तक ग्राम गरड़ा में वर्षा जल का तेजी से बह जाना और भूजल स्तर में गिरावट बड़ी चुनौती थी। इसका सीधा असर किसानों की खेती पर पड़ता था। रबी की फसल के लिए पर्याप्त पानी जुटाना मुश्किल होता था। इस समस्या के समाधान के लिए जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) और अन्य योजनाओं के अभिसरण से अमृत सरोवर का निर्माण कराया गया।
आज सरोवर में पर्याप्त जलभराव है। इससे ग्रामीणों को पानी की उपलब्धता के साथ भविष्य के लिए भी उम्मीद मिली है।
*भूजल स्तर में सुधार, खेती को संबल*
अमृत सरोवर से गांव को कई स्तरों पर लाभ मिल रहा है। तालाब में पानी जमा होने से आसपास के कुओं और नलकूपों के जलस्तर में सुधार हुआ है। सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ने से किसानों को रबी और जायद की फसलों के उत्पादन में मदद मिल रही है। इससे खेती को अधिक लाभकारी बनाने की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।
जलाशय से गांव के पशुधन को भी सहारा मिला है। पानी की उपलब्धता से पशुओं की पेयजल जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है। वहीं, तालाब निर्माण के दौरान मनरेगा के माध्यम से स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार भी मिला। सरोवर के कैचमेंट क्षेत्र में हरियाली बढ़ने से पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता को भी लाभ पहुंचा है।
*कलेक्टर और सीईओ ने किया निरीक्षण*
हाल ही में कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीना और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बी.एस. सोलंकी ने गरड़ा स्थित अमृत सरोवर का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने तालाब की गुणवत्ता, जलभराव क्षमता और रखरखाव की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान ग्रामीणों से चर्चा कर सरोवर से मिल रहे लाभों की जानकारी भी ली।
ग्रामीणों ने बताया कि अमृत सरोवर ने गांव में पानी की उपलब्धता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इससे खेती और पशुधन को सहारा मिला है तथा जल संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है।
*दूसरे गांवों के लिए भी प्रेरणा*
गरड़ा का अमृत सरोवर इस बात का उदाहरण है कि वर्षा जल का व्यवस्थित संग्रहण ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। जल संरक्षण, कृषि विकास, रोजगार सृजन और पर्यावरण सुरक्षा को एक साथ जोड़ने वाली यह पहल जिले के अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणादायक मॉडल बन सकती है।
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