अलवर की नई ग्राम पंचायत मलावली में एक वोट से जीती सरपंच सविता मीणा

लोकतंत्र की अनूठी मिसाल: अलवर में सिर्फ 1 वोट के अंतर से तय हुआ सरपंच पद का फैसला, सविता मीणा ने दर्ज की रोमांचक जीत
राजस्थान के अलवर जिले के अंतर्गत आने वाली मलावली ग्राम पंचायत का चुनावी परिणाम इन दिनों भारी चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां सरपंच पद के लिए हुआ मुकाबला बेहद रोमांचक और कांटे की टक्कर वाला रहा, जिसमें महज एक मत के अंतर ने हार-जीत की पूरी तस्वीर ही बदल दी।
इस कड़े मुकाबले में सविता मीणा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को सिर्फ एक वोट के अंतर से मात देकर सरपंच की कुर्सी पर कब्जा जमाया है। चुनाव के आए आंकड़ों के अनुसार, विजयी उम्मीदवार सविता मीणा के खाते में कुल 1,428 वोट आए, जबकि उनके ठीक पीछे रहे दूसरे प्रत्याशी को 1,427 मत प्राप्त हुए।
इतने कम अंतर से परिणाम सामने आने के बाद से ही पूरे क्षेत्र में इस चुनाव की गूंज सुनाई दे रही है। इस चुनावी गहमागहमी के बीच कुछ अन्य आंकड़ें भी खासे दिलचस्प रहे, जैसे कि मतदान के दौरान कुल 11 मत अमान्य यानी निरस्त घोषित किए गए, वहीं 3 मतदाताओं ने किसी भी उम्मीदवार को चुनने के बजाय 'NOTA' यानी इनमें से कोई नहीं के विकल्प को चुना।
नवनिर्वाचित सरपंच सविता मीणा के लिए राजनीति का यह मैदान नया नहीं है, क्योंकि वह इससे पहले वर्ष 2020 में भी सरपंच पद के लिए अपनी किस्मत आजमा चुकी हैं। इस बार उनकी योजना जिला परिषद सदस्य के तौर पर चुनाव मैदान में उतरने की थी, लेकिन वह सीट ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित हो जाने के कारण उन्होंने एक बार फिर से सरपंच पद के लिए ही पर्चा भरा और अंततः अपनी मेहनत से जीत का परचम लहरा दिया।
अपनी इस ऐतिहासिक जीत पर बात करते हुए सविता मीणा ने कहा कि इतना नजदीकी मुकाबला होना उनके पूरे गांव के लिए गर्व की बात है और यह सफलता जनता के अटूट विश्वास तथा उनके बहुमूल्य सहयोग का ही परिणाम है। यह पूरा घटनाक्रम एक बार फिर से इस बात की गवाही देता है कि चुनावी लोकतंत्र में एक-एक वोट कितना कीमती और निर्णायक साबित हो सकता है।
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