उमरिया नौरोजाबाद से राहुल शीतलानी की रिपोर्ट
उमरिया। नगर परिषद नौरोजाबाद में इन दिनों आपसी खींचतान और कथित अंदरूनी घमासान का असर नगर के विकास कार्यों पर पड़ता नजर आ रहा है।
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा परेशानी उन ठेकेदारों को उठानी पड़ रही है, जिन्होंने नगर के विकास की उम्मीद लेकर अपनी पूंजी लगाई और नगर परिषद के विभिन्न वार्डों में निर्माण कार्य कराए। जानकारी के अनुसार, नगर परिषद के अंतर्गत 15 वार्डों में अलग-अलग विकास कार्य कराने वाले कुछ ठेकेदार अब अपने ही किए गए कार्यों के भुगतान के लिए परेशान हो रहे हैं।
ठेकेदारों का कहना है कि उन्होंने अपनी धनराशि लगाकर काम पूरा कराया, लेकिन भुगतान की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। स्थिति यह है कि अपनी मेहनत और लगाई गई पूंजी की रकम पाने के लिए उन्हें कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, नगर परिषद में लंबे समय से काम कर रहे कुछ ठेकेदारों की फाइलें और भुगतान कथित तौर पर अटके हुए हैं। नगर परिषद के अंदर अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच चल रही खींचतान की चर्चा भी सामने आ रही है।
हालांकि, इस संबंध में संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि ठेकेदारों ने नियमानुसार कार्य पूरा कर दिया है और भुगतान से संबंधित सभी औपचारिकताएं पूरी हैं, तो फिर उनकी राशि का भुगतान समय पर क्यों नहीं किया जा रहा है?
आखिर फाइलें किस स्तर पर अटकी हुई हैं और ठेकेदारों को अपनी ही मेहनत की कमाई के लिए इंतजार क्यों करना पड़ रहा है? दीपावली से पहले ठेकेदारों की बढ़ी चिंता
दीपावली का पर्व नजदीक है।
ऐसे में भुगतान नहीं होने से ठेकेदारों की आर्थिक परेशानियां और बढ़ गई हैं। जिन लोगों ने नगर के विकास के लिए अपनी जेब से पैसा लगाया, आज वही अपनी रकम के लिए परेशान नजर आ रहे हैं।
अब सवाल यह भी उठता है कि नगर परिषद की आपसी खींचतान में आखिर ठेकेदार कब तक पिसते रहेंगे? क्या जिम्मेदार अधिकारी ठेकेदारों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनकी लंबित फाइलों और भुगतान का निराकरण करेंगे?
नगरवासियों और ठेकेदारों की मांग है कि नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारी पूरे मामले की जांच कराएं और नियमानुसार लंबित भुगतान की प्रक्रिया जल्द पूरी करें, ताकि विकास कार्यों में लगे लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।