श्री बंशीधर नगर में मनरेगा योजना पर उठे सवाल, पहाड़ पर 200 मीटर के दायरे में मिले एक दर्जन से अधिक डोभा

श्री बंशीधर नगर (गढ़वा)। नगर ऊंटारी प्रखंड में मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रखंड की भोजपुर पंचायत अंतर्गत झुमरी गांव के बेलवादामर में पहाड़ी क्षेत्र पर डोभा निर्माण का मामला सामने आया है। आरोप है कि यहां महज 200 मीटर के दायरे में एक दर्जन से अधिक पुराने एवं नए डोभा बनाए गए हैं। पहाड़ी और पथरीली जमीन पर डोभा निर्माण को लेकर योजना की उपयोगिता के साथ-साथ सरकारी राशि के सदुपयोग पर भी सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, सरकार की ओर से मनरेगा योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डोभा का निर्माण कराया जाता है। लेकिन बेलवादामर में डोभा निर्माण के लिए स्थल चयन को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, पहाड़ी क्षेत्र में न तो पर्याप्त कृषि योग्य भूमि है और न ही सिंचाई के लिए डोभा में पानी उपलब्ध है। ऐसे में इन डोभों की वास्तविक उपयोगिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
हैरानी की बात यह है कि इसी पहाड़ी क्षेत्र में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान मनरेगा के तहत डोभा निर्माण की दो योजनाएं संचालित हैं। इनमें सरिता देवी की योजना कोड संख्या 3317 तथा सुनीता देवी की योजना कोड संख्या 3318 शामिल हैं। आरोप है कि इन योजनाओं के तहत लगातार राशि की निकासी की जा रही है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर पहाड़ी और पथरीली जमीन पर डोभा निर्माण के लिए स्थल का चयन किस आधार पर किया गया? क्या योजना शुरू करने से पहले स्थल का भौतिक सत्यापन किया गया था? क्या संबंधित अधिकारियों और कर्मियों ने निर्माण स्थल की उपयोगिता का आकलन किया था? यदि इन डोभों में पानी का संचय नहीं हो सकता और आसपास सिंचाई योग्य भूमि भी नहीं है, तो फिर इनके निर्माण का औचित्य क्या है?
मामले को लेकर विभागीय अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, संबंधित अधिकारी फिलहाल इस मामले से अनभिज्ञता जता रहे हैं। अब मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों की निगाहें प्रशासनिक जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
क्या कहती हैं डीडीसी
इस संबंध में पूछे जाने पर गढ़वा की उप विकास आयुक्त प्रेमलता मुर्मू ने कहा, “मामले की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा हुआ है तो पूरे मामले की जांच कर दोषी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में कब तक जांच शुरू करता है और जांच में यदि अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों पर क्या कार्रवाई की जाती है।
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