धमतरी /पद नहीं, जनसेवा है राजनीति का उद्देश्य, राष्ट्र और संगठन के प्रति समर्पण ही मेरा कर्तव्य : अरुण सार्वा

धमतरी। राजनीति को पद और प्रतिष्ठा के बजाय जनसेवा का माध्यम मानने वाले जिला पंचायत धमतरी के अध्यक्ष अरुण सार्वा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का एक कार्यकर्ता और सिपाही होने के नाते राष्ट्रहित एवं संगठनहित में मिली प्रत्येक जिम्मेदारी का निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ निर्वहन करना उनका कर्तव्य है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजनीति में उनका उद्देश्य केवल पद प्राप्त करना नहीं, बल्कि अपने दायित्वों के माध्यम से समाज और देश के लिए बेहतर कार्य करना है।
गुरुवार को इंडियन कॉफी हाउस, धमतरी में आयोजित दीपावली मिलन एवं ‘मसान डबरा : एक बदलाव की कहानी’ मैगजीन पर परिचर्चा के दौरान अरुण सार्वा ने अपने विचार साझा किए। जिले के विभिन्न प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया संस्थानों से जुड़े पत्रकारों के साथ हुए संवाद में उन्होंने जनसेवा, विकास, सामाजिक सहभागिता और राजनीतिक दायित्वों पर खुलकर बात की।
अरुण सार्वा ने कहा कि ईश्वर ने मनुष्य को अनमोल जीवन दिया है। यदि इस जीवन में किसी दूसरे व्यक्ति के जीवन को बेहतर बनाने के लिए थोड़ा भी योगदान दिया जा सके, तो यही मानव जीवन की सार्थकता है। पार्टी द्वारा वर्तमान में सौंपे गए दायित्व और भविष्य में मिलने वाली जिम्मेदारियों को वे राष्ट्र एवं समाज की सेवा का अवसर मानते हैं।
मसान डबरा की विकास यात्रा बनी जनसेवा की मिसाल
परिचर्चा का प्रमुख केंद्र पत्रकार गोपी कश्यप द्वारा संकलित मैगजीन ‘मसान डबरा : एक बदलाव की कहानी’ रही। इसमें प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत ग्राम पंचायत सांकरा के मसान डबरा में विशेष पिछड़ी जनजाति कमार समुदाय के 34 परिवारों के लिए निर्मित पक्के आवास और विकसित आवासीय कॉलोनी की विकास यात्रा को प्रस्तुत किया गया है।
अरुण सार्वा ने इस परियोजना की परिकल्पना से लेकर उसके धरातल पर साकार होने तक के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि जनसेवा की भावना से इस कार्य में व्यक्तिगत रुचि लेते हुए समय, श्रम और संसाधनों का योगदान दिया। उनके अनुसार, किसी भी योजना की सफलता केवल उसके निर्माण या स्वीकृति में नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में निहित होती है।
विकास केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, समाज की भी भागीदारी जरूरी
अरुण सार्वा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रयासरत हैं। लेकिन योजनाओं को वास्तविक रूप से सफल बनाने के लिए जनभागीदारी बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार विकास कार्यों में योगदान दे सकता है। आर्थिक सामर्थ्य रखने वाले धन से, समय देने में सक्षम लोग अपने समय से, श्रम करने वाले श्रमदान से और तकनीकी अनुभव रखने वाले लोग अपनी विशेषज्ञता से समाज के विकास में सहभागी बन सकते हैं। विकास की जिम्मेदारी केवल शासन-प्रशासन तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह सामूहिक प्रयास का परिणाम होना चाहिए।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकसित भारत की संकल्पना का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझेगा और विकास की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाएगा।
पत्रकारिता को बताया जनहित की सशक्त आवाज
दीपावली मिलन के दौरान अरुण सार्वा ने पत्रकारों को शुभकामनाएं देते हुए मीडिया की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता समाज की समस्याओं, जनभावनाओं और विकास कार्यों को सामने लाने का सशक्त माध्यम है। सकारात्मक पहल और जनहित के कार्यों को लोगों तक पहुंचाने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है।
कार्यक्रम का संचालन पत्रकार एवं मैगजीन संकलनकर्ता गोपी कश्यप ने किया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया संस्थानों से जुड़े पत्रकार और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे। दीपावली मिलन के आत्मीय माहौल में आयोजित यह परिचर्चा जनसेवा, सामाजिक सहभागिता और विकास के साझा संकल्प को लेकर सार्थक संवाद बनी।
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