
लोयाबाद/धनबाद: लोयाबाद में आउटसोर्सिंग द्वारा उड़ाए जा रहे डस्ट और प्रदुषण से परेशान लोग अब यहां से पलायन करने को विवश है। अपना और अपने बच्चों के भविष्य और जिंदगी को बचाने के लिए लोग अपना घर छोड़ रहे हैं। सोमवार को एक ऐसा ही मामला लोयाबाद पांच नंबर हटिया के समीप देखा गया।
जिसमें यहां बचपन से रह रहे संजू विश्वकर्मा डस्ट और प्रदुषण से परेशान होकर अपने पूरे परिवार के साथ अपना घर छोड़कर धनबाद रहने चले गए।
घर छोड़ते वक्त उनके और उनके परिवार के आंखों से आंसू झलक रहे थे। घर छोड़ने का दर्द साफ साफ उनकी आंखों में दिख रहा था। दर्द इतना था कि उनकी आठ साल की बेटी फूट फूट कर रो रही थी। उनके घर छोड़कर जाने का भावुक वीडियो एक समाजसेवी विनोद पासवान ने सोशल मीडिया में डाल दिया। जिसके बाद सोशल मीडिया में इसको लेकर बहुत लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी।
सोशल मीडिया में लोगों की कमेंट्स की बाढ़ आ गई। सभी लोग इसके लिए आउटसोर्सिंग प्रबंधन को कोस रहे थे। लोगो का कहना है कि लोयाबाद में बढ़ते डस्ट और प्रदूषण के खिलाफ अब एक मुहिम की जरूरत है। इसके खिलाफ आंदोलन करने की जरूरत है नहीं तो यहां के लोग बीमारी से मर जाएंगे।
#मामले में संजू विश्वकर्मा से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि लोयाबाद में उनका बचपन गुजरा है, यहां से उनकी बहुत सी यादें जुड़ी है परंतु बच्चों की जान बचाने के लिए घर छोड़कर जाना पड़ रहा है।
समाजसेवी विनोद पासवान का कहना है लोयाबाद क्षेत्र में आउटसोर्सिंग कंपनियों द्वारा जो डस्ट और प्रदुषण फैलाया जा रहा है, वो लोगों की जिंदगी छीन रहा है। इसके खिलाफ लोगों को एकजुट होने की जरूरत है नहीं तो यहां रहना मुश्किल हो जाएगा। उनका कहना है कि आउटसोर्सिंग कंपनिया नियमों के विरुद्ध ओबी डंप कर रही है। ओबी को पानी डाल डंप किया जाए तो इतना डस्ट और प्रदूषण नहीं होगा।
#बताया जाता है कि कनकनी में संचालित आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा इन दिनों लोयाबाद क्षेत्र में ओबी डंपिंग किया जा रहा है। #जिससे क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया है। धूल की बारिश हो रही है, जो लोगों के फेफड़ों में जा रहा है। #बांसजोड़ा में संचालित आउटसोर्सिंग द्वारा भी ऐसा ही डस्ट उड़ाया जा रहा है। क्षेत्र के लोग प्रदुषण से त्राहिमाम कर रहे हैं।













