
अजीत मिश्रा (खोजी)
।। 341 करोड़ की जीएसटी चोरी; 1811 करोड़ का फर्जी व्यापार, लोहा कारोबारी मास्टरमाइंड।।
लखनऊ
💫 राज्य कर के अपर आयुक्त ग्रेड-1 अशोक कुमार सिंह के निर्देश पर सचल दल ने लखनऊ-मुरादाबाद हाईवे पर 24 और 25 अक्तूबर को लोहे से लदे दो ट्रकों को पकड़ा था।
राज्य कर विभाग ने लोहे में टैक्स चोरी के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए 341 करोड़ की जीएसटी चोरी का खुलासा किया है। ये टैक्स चोरी देशभर में केवल दो मोबाइल नंबरों से खोली गईं 122 फर्मों के जरिये की गई। इसका मास्टरमाइंड लखनऊ का लोहा कारोबारी अंकित कुमार निकला। फर्जी फर्मों के जरिये 1811 करोड़ रुपये का कागजी कारोबार किया गया।
लोहे में हो रही भारी टैक्स चोरी का खुलासा , जिसे शासन ने संज्ञान में लेते हुए विस्तृत जांच के निर्देश मुरादाबाद के अपर आयुक्त को दिए थे। मुरादाबाद एसआईबी विंग प्रमुख के नेतृत्व में गठित टीम ने इस बड़े रैकेट का राजफाश किया। राज्य कर विभाग द्वारा लोहे में टैक्स चोरी के खुलासे का ये सबसे बड़ा मामला बताया जा रहा है। जांच रिपोर्ट राज्य कर के प्रमुख सचिव, कमिश्नर और सीजीएसटी के प्रधान आयुक्त को भेजी गई है।
💫 एक ही मोबाइल नंबर पर 60 फर्मों का पंजीकरण कर टैक्स चोरी की जा रही है। बाद में बोगस फर्मों की संख्या 122 पहुंच गई। लोहे में टैक्स चोरी के सिंडीकेट की जड़ें दुबई तक फैली हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रमुख सचिव राज्य कर एम. देवराज ने मुरादाबाद इकाई को गहन जांच के निर्देश दिए थे। इसके बाद मुरादाबाद में राज्य कर विभाग की 72 घंटे चली जांच में 341 करोड़ की कर चोरी पकड़ी गई। इन फर्मों पर लखनऊ में पंजीकृत एके इंटरप्राइजेज के कारोबारी अंकित कुमार ने 1811 करोड़ का टर्नओवर किया। इस मामले में अलग-अलग दर्ज दो एफआईआर में लोहा कारोबारी समेत नौ लोगों को आरोपी बनाया गया है।
💫 केवल दो ट्रकों से हुआ 1811 करोड़ का खुलासा।
राज्य कर के अपर आयुक्त ग्रेड-1 अशोक कुमार सिंह के निर्देश पर सचल दल ने लखनऊ-मुरादाबाद हाईवे पर 24 और 25 अक्तूबर को लोहे से लदे दो ट्रकों को पकड़ा था। पूछताछ में चालकों ने बताया कि यह माल लखनऊ के राजाजीपुरम निवासी अंकित कुमार का है जिसे मुजफ्फरनगर भेजा जा रहा था। इस मामले में अपर आयुक्त ग्रेड-2 आरए सेठ के साथ 42 अधिकारियों की टीम ने जांच की तो पता चला कि अंकित ने दो मोबाइल नंबरों पर देश के अलग-अलग राज्यों में 122 बोगस फर्मों का सीजीएसटी और राज्य कर विभाग में पंजीयन करा रखा है।
जांच में यह भी आया कि अंकित कुमार ने पंजीयन के लिए खुद को लखनऊ के राजाजीपुरम आवास विकास कॉलोनी निवासी प्रवीण कुमार श्रीवास्तव के मकान में किरायेदार बताया था। जबकि प्रवीण से पूछताछ में पता चला कि उसने अपना मकान कभी किराये पर नहीं दिया। पता फर्जी निकलने पर प्रवीण कुमार श्रीवास्तव ने भी लखनऊ के ताल कटोरा थाने में केस दर्ज कराया है। फिर 122 बोगस फर्मों की जांच में 341 करोड़ की टैक्स चोरी का मामला पकड़ा गया। सभी 122 फर्मों को निरस्त करने की कार्रवाई की जा रही है।
🔥 340.94 करोड़ की टैक्स चोरी की—
अपर आयुक्त ग्रेड-1 मुरादाबाद अशोक कुमार सिंह ने बताया कि कारोबारी अंकित कुमार ने 122 बोगस फर्मों के माध्यम से 1811 करोड़ का कारोबार किया। उसने 340.94 करोड़ की टैक्स चोरी की है। इस मामले में दो एफआईआर दर्ज कराई गई हैं। मामले में नौ लोगों को आरोपी बनाया गया है। यह अब तक की सबसे बड़ी जीएसटी चोरी है।







