

पेंपल गांव में शराबियों का आतंक, टैम्पो स्टैंड और साप्ताहिक बाजार (हाट) के पास स्थित देसी शराब के ठेके से महिलाएं असुरक्षित
बगरैन :- कस्बा बगरैन के समीपवर्ती गांव पेंपल में देसी शराब का ठेका आम जनमानस के लिए गले की हड्डी बन गया है ।टैंपो स्टैंड और साप्ताहिक बाजार हाट के बिल्कुल समीप स्थित इस ठेके के कारण क्षेत्र में शराबियों का आतंक बना रहता है। सुबह से ही शराबियों का जमावड़ा लगने के कारण यहां से गुजरने वाली महिलाओं और स्कूली छात्राओं को भारी मानसिक और शारीरिक असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है। गांव पेपल का यह स्थान बेहद व्यस्त रहता है यहां स्थित टेंपो स्टैंड से रोजाना सैकड़ो लोग आवागमन करते हैं, वहीं इसी स्थान पर साप्ताहिक बाजार (हाट) भी लगती है। बाजार में खरीदारी के लिए आने वाली महिलाओं और टेंपो का इंतजार करने वाली सवारियों के सामने शराबी अक्सर गाली गलौज और अभद्र टिप्पणी करते हैं। शराब के नशे में धुत लोग सड़क के बीचों-बीच खड़े रहते हैं, जिससे न केवल यातायात बाधित होता है, बल्कि आए दिन विवाद और मारपीट की नौबत भी बनी रहती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सार्वजनिक स्थान और बाजार के इतने नजदीक शराब का ठेका होना नियम विरुद्ध है। शराबियों के जमाबाड़े के कारण आसपास का माहौल पूरी तरह से प्रदूषित हो चुका है। शाम ढलते ही यहां से अकेले गुजरना किसी खतरे से कम नहीं होता। ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि बाजार और टेंपो स्टैंड जैसी भीड़भाड़ वाली जगह पर शराब का ठेका होने से सबसे ज्यादा परेशानी हमारी मां बहनों को होती है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए। गांव पेपल के ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से जिला प्रशासन और आबकारी विभाग से मांग की है कि जनहित और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शराब के ठेके को वर्तमान स्थान से हटाकर गांव से दूर या आबादी से बाहर स्थानांतरित किया जाए। टेंपो स्टैंड और बाजार के समय यहां पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए ताकि अराजक तत्वों पर लगाम लग सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द इस शराब के ठेके को यहां से नहीं हटाया गया, तो क्षेत्र की महिलाएं और ग्रामीण सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।





