
.उज्जैन रिपोर्ट (रघुवीर सिंह पंवार )
किसान और सर्वर की समस्या:
- किसान फार्मर आईडी बनवाने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) और पंचायत के चक्कर लगा रहे हैं।
- CSC ऑपरेटर सर्वर की समस्याओं से परेशान हैं।
2. डाटा मिसमैच की समस्या:
- किसान के भू-अधिकार पुस्तिका में नाम “रामलाल” है, जबकि आधार कार्ड में नाम “राम लाल बैरवा” लिखा है।
- इस नाम के अंतर के कारण फार्मर आईडी नहीं बन पा रही।
3. दस्तावेजों की लंबी प्रक्रिया:
- किसान खेती का काम छोड़कर दस्तावेजों को सुधारने में समय बर्बाद कर रहे हैं।
- भू-अभिलेख साइट पर KYC अपडेट होने के बाद भी डाटा सही नहीं हो रहा।
4. पटवारी और सिस्टम का सहयोग नहीं:
- पटवारी डाटा मिसमैच की समस्या को स्पष्ट नहीं कर पा रहे।
- कई किसानों को आधार में नाम सुधार कराना पड़ रहा है, जिससे भविष्य में और समस्याएं हो सकती हैं।
5. आधार नाम सुधार के दुष्परिणाम:
- यदि आधार का नाम भू-अधिकार पुस्तिका के अनुसार अपडेट किया जाता है, तो अन्य दस्तावेजों जैसे पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, बैंक खाता, आयुष्मान कार्ड, और संबल योजना में नाम भी बदलवाना पड़ेगा।
समस्या का समाधान:
- फार्मर आईडी की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए।
- नाम के छोटे-मोटे अंतर को अनदेखा कर प्रणाली में सुधार हो।
- सिस्टम में डाटा अपडेट के लिए किसान को परेशानी मुक्त समाधान मिले।
इससे किसानों का समय और श्रम दोनों बच सकेगा, और वे खेती पर अधिक ध्यान दे सकेंगे।
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