

वन्दे भारत लाइव टीवी न्यूज संवाददाता: हरत कुमार
सीकर. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से गुरूवार को मातृ शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस पर विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बचाव के लिए गर्भवती महिलाओं व बच्चों को टीके लगाए गए। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने उनको कौनसा टीका लगाया गया है और अगला टीका कब लगेगा और टीकाकरण का महत्व बताया और मातृ स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी सेवाएं दी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार महरिया ने बताया कि विभाग द्वारा माह के प्रत्येक गुरूवार को एमसीएचएन दिवस पर गर्भवती महिलाओं व धात्री महिलाओं को पोषण व मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की जानकारी दी जाती। चिकित्सा संस्थानों पर गर्भवती महिलाओं की हिमोग्लोबिन, एचआईवी, सिफलिस, ब्लड प्रेशर, हृदय स्पंदन व प्रसव से संबंधित जटिलताओं की जांच की गई। साथ ही गर्भवती महिला के शरीर में कैल्शियम व खून की कमी नहीं आए, इसके लिए आईएफए, कैल्शियम और अन्य आवश्यक दवाइयां दी।
जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विशाल सिंह नेे बताया कि जिले में गुरूवार को जिले के 624 जगह पर टीकाकरण सेशन आयोजित किए गए। जिले में 1842 गर्भवती महिलाओं और 7038 बच्चों को जीवनरक्षक टीके लगाए गए। उन्होंने बताया कि गर्भवती को अपने स्वास्थ्य का दुगुना ध्यान रखना चाहिए और समय समय पर स्वास्थ्य की जांच करवाकर टीके लगवाने चाहिए। दिन में कम से कम तीन बार भोजन करना चाहिए और प्रसव सरकारी अस्पताल में ही करवाना चाहिए। उन्होंने बताया कि गुरूवार को बच्चों को पीलिया, टीबी, हैपेटाइटिस बी, गलघोंटू, काली खांसी, निमोनिया, टिटनेस, मेनिनजाइटिस खसरा और रूबले, रोटा, दस्त आदि रोगों से बचाव के लिए टीके लगाए और उनको प्रसवपूर्व देखभाल के बारे में जानकारी दी गई।














