
अजीत मिश्रा (खोजी)
लाइफलाइन हॉस्पिटल में हुए नवजात के मौत के मामले में नया अपडेट। पीएमसी हॉस्पिटल की संचालिका डॉ रेनू राय के कहने पर बच्चों को लेकर गया था डॉ तारिक के लाइफ लाइन हॉस्पिटल – पीड़ित पिता।
🔥 डॉ रेनू राय ने ऑपरेशन के पहले ही डॉ तारिक को बुलाया था अपने हॉस्पिटल – पीड़ित।
09 दिसंबर 25, उत्तर प्रदेश।
बस्ती ।। ऑपरेशन के बाद मेरे दोनों बच्चे थे एकदम स्वस्थ, फिर भी मुझे लाइफलाइन हॉस्पिटल जाने को किया गया था विवश – पीड़ित। बच्चे थे एकदम स्वस्थ फिर भी डॉ रेनू राय ने गंदा पानी पीने और पीलिया होने की बात कहके नवजात को लाइफ लाइन किया था रेफर – पीड़ित। एक हॉस्पिटल से दूसरे हॉस्पिटल भेजने पर मिलता है मोटा कमीशन – सूत्र । कमीशन के चक्कर में नौनिहाल समा रहे असमय काल के गाल में। 40 दिनों के भीतर लाइफलाइन हॉस्पिटल के लापरवाही से थम चुकी है दो नौनिहालों की किलकारियां। लाखों बनाने और गलत इलाज से हुई मेरे नवजात बच्चे की मौत – पीड़ित पिता।
🔥 सीज होने के मात्र कुछ ही दिन में आखिर फिर कैसे संचालित होने लगा लाइफलाइन हॉस्पिटल – बड़ा सवाल।
पैसे बनाने के चक्कर में नवजातों के मौत का सौदागर बनता जा रहा है दक्षिण दरवाजा स्थित लाइफलाइन हॉस्पिटल।लगातार विवादों में रहने वाले हॉस्पिटल में डॉ रेनू राय ने बच्चों को क्यों किया रेफर – बड़ा सवाल । प्राइवेट हॉस्पिटल लगातार नवजातों के जीवन से कर रहे खिलवाड़, सुविधा शुल्क लेकर कुंभकर्णी नीद सो रहे जिम्मेदार। स्वास्थ्य महकमा और जिम्मेदारों के अनदेखी की वजह से नौनिहालों की थम रही किलकारियां।
यमराज बने इन प्राइवेट हॉस्पिटलो पर आखिर कब होगी कार्यवाही – बड़ा सवाल। अगर नहीं मिला इंसाफ तो डीएम कार्यालय का घेराव व लखनऊ कूच करने को विवश होगा पीड़ित परिवार – पीड़ित।















