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पत्रकारों के हित में डॉ. राजेश्वर सिंह की पहल – ₹100 करोड़ पत्रकार कल्याण कोष और स्किल डेवलपमेंट सेंटर की मांग

लखनऊ।

पत्रकारों के हित में डॉ. राजेश्वर सिंह की पहल – ₹100 करोड़ पत्रकार कल्याण कोष और स्किल डेवलपमेंट सेंटर की मांग

पत्रकारों के लिए बनेगा ₹100 करोड़ का कल्याण कोष, एआई युग की चुनौतियों से निपटने को होगा स्किल डेवलपमेंट सेंटर*

डॉ. राजेश्वर सिंह का सुझाव – पत्रकारों के लिए वेलफेयर फंड और डिजिटल स्किल सेंटर से मजबूत होगा लोकतंत्र का चौथा स्तंभ*

सीमित संसाधनों में काम करने वाले पत्रकारों को संस्थागत सुरक्षा मिलनी चाहिए” – मुख्यमंत्री को पत्र लिख बोले डॉ. राजेश्वर सिंह*

*डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजा प्रस्ताव – पत्रकारों के लिए कल्याण कोष और डिजिटल प्रशिक्षण केंद्र की मांग*

*शासन और जनता के बीच सेतु हैं पत्रकार, उन्हें सशक्त बनाना शासन का नैतिक दायित्व है” – डॉ. राजेश्वर सिंह*

लखनऊ।सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने प्रदेश के पत्रकारों के हित में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी को पत्र लिखकर “उत्तर प्रदेश राज्य पत्रकार कल्याण कोष” और “उत्तर प्रदेश पत्रकार कौशल विकास केंद्र” की स्थापना का अनुरोध किया है।

डॉ. सिंह ने अपने पत्र में कहा है कि पत्रकार समाज का वह वर्ग है जो शासन और जनता के बीच सेतु का कार्य करता है। वे सरकारी योजनाओं, सामाजिक मुद्दों, जन आकांक्षाओं और नागरिक पीड़ा को स्वर देने का कठिनतम दायित्व निभाते हैं, विशेषकर ज़िला, तहसील एवं ग्रामीण स्तर पर सीमित संसाधनों के बावजूद दिन-रात जनहित में सक्रिय रहते हैं। उन्होंने कहा कि अनेक पत्रकार आर्थिक, स्वास्थ्य और सामाजिक असुरक्षा की स्थिति में कार्य करते हैं और कई बार दुर्घटनाओं या गंभीर बीमारियों के समय उन्हें कोई संस्थागत सहायता नहीं मिल पाती। ऐसी परिस्थिति में एक स्थायी एवं सुदृढ़ तंत्र की आवश्यकता है, जो उनके जीवन और परिवार को सुरक्षा प्रदान कर सके।

₹100 करोड़ “उत्तर प्रदेश राज्य पत्रकार कल्याण कोष” का प्रस्ताव :*

डॉ. सिंह ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि राज्य सरकार के नेतृत्व में ₹100 करोड़ का “उत्तर प्रदेश राज्य पत्रकार कल्याण कोष” (State Journalist Welfare Fund) स्थापित किया जाए, जिसके अंतर्गत निम्नलिखित प्रावधान किए जाएँ –

* दुर्घटना, गंभीर बीमारी अथवा आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में आर्थिक सहायता।

* वरिष्ठ अथवा दिव्यांग पत्रकारों को मासिक मानवीय भत्ता।

* पत्रकारों के बच्चों को उच्च शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति।

* आपदा या संकट की स्थिति में तात्कालिक राहत सहायता।

डॉ. सिंह ने कहा कि यह कोष देश में अपनी तरह का पहला और अभिनव प्रयास होगा, जो उत्तर प्रदेश को पत्रकार कल्याण एवं सामाजिक संवेदनशीलता के क्षेत्र में एक आदर्श राज्य के रूप में स्थापित करेगा।

“पत्रकार कौशल विकास केंद्र” की स्थापना का सुझाव :*

डॉ. सिंह ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि डिजिटल युग में पत्रकारिता का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। आज AI Journalism, Data-driven Reporting, Digital Safety, Cyber Ethics, और Fact-Checking Tools जैसे नए क्षेत्रों में दक्षता आवश्यक है। उन्होंने प्रस्ताव दिया कि राज्य सरकार द्वारा “उत्तर प्रदेश पत्रकार कौशल विकास केंद्र (U.P. Journalist Skill Development Centre)” की स्थापना की जाए, जहाँ पत्रकारों को निम्न विषयों में प्रशिक्षण दिया जा सके –

* डिजिटल मीडिया और डेटा एनालिटिक्स

* आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस एवं साइबर सुरक्षा

* सोशल मीडिया प्रबंधन और फैक्ट-चेकिंग

* मीडिया विद्यार्थियों हेतु अल्पकालिक प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम

* विश्वविद्यालयों, प्रेस क्लबों एवं मीडिया संस्थानों के सहयोग से सतत कार्यशालाएँ

डॉ. सिंह ने कहा कि यह पहल पत्रकारिता की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और सुरक्षा को नई दिशा देगी तथा उत्तर प्रदेश को मीडिया नवाचार और पत्रकार सशक्तिकरण के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि इस प्रस्ताव पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए

संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए जाएँ, जिससे शीघ्र इस दिशा में एक ठोस और ऐतिहासिक पहल की जा सके।

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