
महिला समानता पर आधारित शोषण मुक्त समाज की स्थापना
को लेकर अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में एक दिवसीय किशोरी बालिका सम्मेलन का आयोजन बारातघर हसनपुर में हुआ जहां जाफरगंज व आसपास के गांवों से 100 से अधिक किशोरियों व महिलाओं ने भागीदारी कर लिंग आधारित भेदभाव के समूल विनाश का संकल्प लिया।
मिलान फाउंडेशन लखनऊ के निर्देशन में उत्तरप्रदेश कोलिशन टू इम्पायर गर्ल के अन्तर्गत जन विकास केन्द्र भितरीडीह व किशोरी बालिका सशक्तिकरण कार्यक्रम अम्बेडकरनगर द्वारा आयोजित इस सम्मेलन को संबोधित करती हुई सचिव गायत्री ने कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक उपलब्धियों का जश्न मनाने, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने का एक महत्वपूर्ण दिन है। यह दिवस महिलाओं के सम्मान, समाज में उनके योगदान को मान्यता देने और भेदभाव के खिलाफ एकजुटता का प्रतीक है। और सशक्त नारी के बिना सशक्त समाज की परिकल्पना अधूरी है हमारा मकसद किशोरियों को सामाजिक रूप से सशक्त आर्थिक रूप से उन्मुक्त और राजनीतिक रूप से विकास की मुख्य धारा में लाना है।
मानवाधिकार रक्षक मनोज कुमार ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 की मुख्य थीम ‘दान से लाभ/सहयोग से उत्थान है, जो महिला सशक्तिकरण के लिए उदारता, सहयोग और संसाधनों के आदान-प्रदान पर जोर देती है। इसके साथ ही, संयुक्त राष्ट्र द्वारा इस वर्ष की थीम सभी महिलाओं और लड़कियों के लिए अधिकार, न्याय, कार्रवाई निर्धारित की गई है।
सम्मेलन में पितृसत्ता से सम्बन्धित खेल व गीत कराया गया व रूढ़िवादी सोच से बाहर निकलने की रणनीति बनाई गई। सम्मेलन को सम्बोधित करती हुई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ममता ने सरकारी योजनाओं पर बताया। सम्मेलन के विविध सत्रों का संचालन सुश्री अनुपम ने किया।
सम्मेलन को सफल बनाने में शकुंतला विश्वकर्मा अनुपम यादव गुलशनबानो कुसुम यादव आकांक्षा छोटेलाल निरकला व गुलशन कुमार ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
















