
इटवा थाना और जनपदीय SOG की संयुक्त टीम ने अंतर्जनपदीय नकबजनी/चोरी करने वाले ‘बरेली गैंग’ का पर्दाफाश करते हुए उसके एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से भारी मात्रा में चोरी किए गए जेवरात बरामद किए हैं।

पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के आदेशों के क्रम में, अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अपर पुलिस
अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद और क्षेत्राधिकारी इटवा प्रवीण प्रकाश के कुशल पर्यवेक्षण में, प्रभारी निरीक्षक रवीन्द्र सिंह और SOG प्रभारी जीवन त्रिपाठी के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की।
मुखबिर की सूचना पर, 13 जनवरी 2026 को सुबह 04:55 बजे ग्राम पिपरा पठान, हनुमान मंदिर के पास से अनीस पुत्र रईस निवासी गौरडीह को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से विभिन्न घटनाओं में चोरी किया गया माल बरामद हुआ। पूछताछ के दौरान अभियुक्त अनीस ने स्वीकार किया कि वह वर्ष 2022 में जनपद शाहजहांपुर में चरस बिक्री के मुकदमे में जेल गया था।
वहां उसकी मुलाकात दौलत उर्फ डान पुत्र रहमत खान और उमीद उर्फ उम्मीद खान पुत्र बाबू खां, निवासीगण जनपद बरेली से हुई थी। जेल से छूटने के बाद तीनों ने मिलकर सिद्धार्थनगर जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में सुनियोजित तरीके से नकबजनी की घटनाओं को अंजाम दिया।
अभियुक्त ने बताया कि चोरी किए गए जेवरात को वे आपस में बांट लेते थे। इनमें से कुछ जेवरात नेपाल में बेच दिए गए थे, जबकि शेष बचे जेवर आज नेपाल ले जाकर बेचने के उद्देश्य से जाते समय उसे गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त ने एटीएम चोरी के प्रयास सहित कई अन्य घटनाओं का भी खुलासा किया है। गैंग के अन्य दो सदस्य गोंडा में गिरफ्तार किए गए हैं, जिनके विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में निरीक्षक रवीन्द्र सिंह (SHO, थाना इटवा), उ0नि0 जीवन त्रिपाठी (प्रभारी SOG), उ0नि0 गोपाल, उ0नि0 रामजी यादव, हे0का0 राजीव शुक्ला, मनोज राय, आशुतोष दूबे, का0 वीरेंद्र तिवारी, रोहित चौहान, सत्येंद्र यादव, छविराज यादव (SOG टीम) तथा हे0का0 उपेन्द्र निषाद, का0 रुद्रप्रताप नायक, सुशान्त शर्मा (थाना इटवा) शामिल थे।














