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उत्तर प्रदेश में करीब 1.86 लाख शिक्षकों की नौकरी पर टीईटी को लेकर संकट गहराता दिख रहा है

लखनऊ/उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश में करीब 1.86 लाख शिक्षकों की नौकरी पर टीईटी को लेकर संकट गहराता दिख रहा है। ये शिक्षक प्राथमिक (कक्षा 1-5) और उच्च प्राथमिक (कक्षा 6-8) स्कूलों में कार्यरत हैं, लेकिन अब तक शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास नहीं कर सके हैं। इनमें करीब 50 हजार ऐसे शिक्षक हैं, जो न्यूनतम योग्यता के अभाव में परीक्षा में बैठने के पात्र भी नहीं हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2027 तक टीईटी पास करना अनिवार्य किया है। ऐसे में जुलाई 2026 में प्रस्तावित यूपीटीईटी परीक्षा इन शिक्षकों के लिए अहम मौका है। हालांकि चुनौती यह है कि इसी दौरान शिक्षकों पर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और आगामी जनगणना ड्यूटी का दबाव भी है, जिससे तैयारी प्रभावित हो रही है।

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने 4 साल बाद यूपीटीईटी-2026 का शेड्यूल जारी किया है। अनुमान है कि इस बार 15 से 20 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। आवेदन के लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) अनिवार्य किया गया है।

टीईटी को 2010 में लागू RTE कानून के तहत शिक्षकों की न्यूनतम योग्यता बनाया गया था। शिक्षक संघ 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर इसे अनिवार्य किए जाने का विरोध कर रहे हैं।

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