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ऋषिकेश में महायोग ध्यान कुंभ

16 से 20 अक्टूबर तक चलने वाले ध्यान कुंभ में देश के कोने कोने से जुड़ेंगे ध्यानी

पिरामिड स्पिरिचुअल सोसाइटी मूवमेंट (PSSM) एक बढ़ता हुआ गैर-धार्मिक, पंथनिरपेक्ष, गैर-लाभकारी, स्वैच्छिक आंदोलन हैं जिसका एकमात्र उद्देश्य सभी लोगों के जीवन में समग्रता और संतुलन लाना है। इस प्रयोजन से हम आनापानासती ध्यान, शाकाहार, पिरामिड शक्ति, आध्यात्मिक विज्ञान आदि के लाभों को आमजनों तक पहुंचाते हैं। वर्ष 1990 में ब्रह्मर्षि पत्रीजी द्वारा पिरामिड स्पिरिचुअल सोसाइटी मूवमेंट की स्थापना की गई। इसके तत्वावधान में ध्यानयोग के पुरातन और लुप्तप्राय ज्ञान को एक अद्वितीय आध्यात्मिक-वैज्ञानिक दृष्टिकोण और उसकी आधुनिक जनजीवन में उपयोगिता के साथ लाखों-करोड़ों लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। पिछले 34 वर्षों के अपने सेवा कार्यों में PSSM ने भारत के 75 से अधिक प्रमुख शहरों और दुनिया भर के 18 से अधिक देशों में 40 लाख से अधिक निःशुल्क ध्यान सत्र आयोजित किए हैं, और 10,000 से अधिक बड़े व 20,000 से अधिक छोटे पिरामिडों का निर्माण किया है। PSSM द्वारा अहिंसा और शाकाहार को आहार के बतौर अपनाने का संदेश देने के लिए शाकाहार रैलियों का विश्व भर में आयोजन किया जाता है जिसके अंतर्गत 144,000 किमी से अधिक की दूरी तय की जा चुकी है। PSSM एक जमीन से जुड़ा जनआंदोलन हैं, जिसने समग्र, स्वस्थ जीवन जीने के लिए जागरूकता फैलाने के लिए घर-घर, गांव-गांव जाने पर ध्यान केंद्रित किया है।

आध्यात्मिक ज्ञान-विज्ञान के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए हम पीएमसी तेलुगु और पीएमसी हिंदी नाम से सैटेलाइट और डिजिटल चैनल भी चलाते हैं जो 24X7 फ्री टू एयर मेडिटेशन चैनल के रूप में देश भर में 10 करोड़ घरों तक पहुंच रहे हैं। इसके अलावा देश की प्रमुख क्षेत्रीय भाषाओं, जैसे कि, बंगाली, गुजराती, मराठी, कन्नड़, तमिल, उड़िया आदि से संबद्ध 1.8 मिलियन का दर्शकवर्ग विभिन्न डिजिटल माध्यमों से हम से निरंतर जुड़ा है।

इस वर्ष माह अक्टूबर में पांच दिवसीय महायोग ध्यानकुंभ – 7 का आयोजन किया जा रहा है जो बुधवार, 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे से प्रारंभ हो 20 अक्टूबर, 2024 को दोपहर 02 बजे संपन्न होगा। इस वर्ष इसका केंद्रीय विषय आत्मज्ञान और आनंद है। इसमें आध्यात्मिक विज्ञान के विभिन्न विषयों, जैसे, बाह्य अनुवांशिक तंत्र (Epigenetics), तंत्रिका विज्ञान (Neuro science) संबंधी विषयवस्तु, क्वांटम शक्ति द्वारा उपचार की पद्धतियां, श्वसन क्रिया संबंधी कार्यशालाएं, प्रमुख गुरुओं द्वारा आध्यात्मिक प्रयोगों पर परिचर्चा, लाइव संगीत आधारित ध्यान सत्र आदि निःशुल्क आयोजित किए जाएंगे। समस्त मानव जाति के समग्र कल्याण के लिए ध्यान ही एकमात्र रास्ता है। ध्यान हमारे अपने प्रयासों से हमारे जीवन को दिया गया सबसे बड़ा उपहार है। हम अपने आप को बहुत कुछ दे सकते हैं। “आनापानासति ध्यान” में मन लगातार सामान्य, प्राकृतिक सांस पर एकाग्रचित्त होना चाहिए। आनापानासति ध्यान ही व्यक्ति को आध्यात्मिक स्वास्थ्य प्रदान करता है। आध्यात्मिक-स्वास्थ्य मूल है और शारीरिक-स्वास्थ्य फल है। महायोग ध्यानकुंभ में शामिल हो रहे अधिकांश लोग ध्यान के नियमित साधक हैं जो इसके अभ्यास से लाभान्वित हुए हैं। ऐसे लाभों में शामिल हैं, त्वरित रोगमुक्ति, स्मरण शक्ति में वृद्धि, व्यर्थ की आदतों से स्वाभाविक छुटकारा, मन की निरंतर शांतिपूर्ण और आनंदमय स्थिति, कार्यकुशलता में वृद्धि, सोने के समय की आवश्यकता में कमी, रिश्तों में गुणात्मक सुधार, इच्छा-शक्ति में जबरदस्त वृद्धि, सही-गलत को पहचानने की क्षमता का विकास आदि। नियमित ध्यान के द्वारा जीवन का उद्देश्य भी पूरी तरह स्पष्ट हो जाता है। PSSM अपने चैनल PMC हिंदी के माध्यम से आपको आनंदमय, स्वस्थ और शांतिपूर्ण जीवन के लिए मुफ्त ध्यान, वैकल्पिक उपचार समाधान उपलब्ध कराने के साथ-साथ समान विचारधारा वाले साधकों के समुदाय से भी जोड़ता है। PSSM और PMC हिंदी का उद्देश्य पृथ्वी पर स्वर्ग की स्थापना है। इस हेतु हम आगामी महायोग ध्यानकुम्भ का प्रसारण वैश्विक स्तर पर 10 करोड़ से अधिक घरों तक करेंगे जिसके माध्यम से मां गंगा की पावन अनुभूति घर घर तक पहुंच सके। यह अवसर स्वयं की ध्यान की शक्ति के उपयोग से जीवन की सभी चुनौतियों पर विजय पाने की जीवंत अभिव्यक्ति का वैश्विक उद्घोष होगा। पी एस एस एम से ध्यानरत्न श्री पी वी राम राजू जी ने बताया की अनापनसाती ध्यान यूट्यूब पर पीएमसी हिंदी चैनल से सीखा जा सकता है ये चैनल टाटा प्ले 1088, जिओ टीवी 1109, फास्टवे 604 पर भी देखा जा सकता है।

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