
चित्रसेन घृतलहरे, 28 नवम्बर 2025//सारंगढ़-बिलाईगढ़// बरसात के बाद प्रदेशभर में धान खरीदी शुरू हो चुकी है, वहीं सालिहा घाट उप-उपवर्जन केंद्र में किसानों के साथ गंभीर अनियमितता और जबरन वसूली का मामला सामने आया है। किसानों ने आरोप लगाया है कि केंद्र प्रबंधन 40.600 किलोग्राम की निर्धारित सीमा के खिलाफ 41.300 से 41.500 किलोग्राम तक धान देने का दबाव बना रहा है। किसानों का कहना है कि “41.300 से कम हुआ तो खरीदी नहीं होगी” जैसी धमकी देकर अतिरिक्त धान लिया जा रहा है।
किसानों के विरोध के बाद जब पुराने स्टॉक (छल्ली) की बोरियों को किसानों और हेमालो के सामने में ही खोला गया और पुनः वजन कराया गया, तो बड़ा खुलासा हुआ—जिन बोरियों का वजन 41.300 से 41.500 किलोग्राम बताया जा रहा था, उनमें असल में मात्र 37.500, 39.000 और 40.600 किलोग्राम धान ही पाया गया। यह सीधे तौर पर बताता है कि किसानों से कितना अधिक धान वसूला गया और वास्तविक स्टॉक में भारी कमी है।
किसानों का कहना है कि यदि इसी प्रकार की वसूली पिछले वर्ष भी हुई होगी, तो यह घोटाला बड़े पैमाने का हो सकता है। सालिहा घाट केंद्र में पिछले वर्ष लगभग 80,000 से 90,000 बोरियों की खरीदी हुई थी। प्रति बोरी यदि 900 ग्राम अतिरिक्त धान लिया गया होगा, तो यह राशि 70,000 से 80,000 किलोग्राम तक पहुँचती है—जिसका बाजार मूल्य करीब 20 से 25 लाख रुपये होता है।
किसानों ने आशंका जताई है कि इस खेल में न केवल केंद्र का स्टाफ बल्कि कुछ संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत भी हो सकती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए किसान जिला प्रशासन से तत्काल जांच, जिम्मेदारों पर कार्रवाई और खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए जाने की मांग कर रहे हैं।
















