
संवाददाता अखिलेश विश्वकर्मा ✅ गढ़वा जिले में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर लगाम कसने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। सोमवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय वेश्म में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी दिनेश यादव ने की।
बैठक में अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा करते हुए आगे की रणनीति तय की गई। उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों और थाना प्रभारियों से उनके क्षेत्रों में अवैध खनन की स्थिति और नियंत्रण के प्रयासों की जानकारी ली।
प्रशासन ने साफ निर्देश दिया कि अवैध खनन और परिवहन में शामिल वाहनों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पहली बार पकड़े जाने पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया जाएगा, जबकि दोबारा संलिप्त पाए जाने पर वाहन मालिक या चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
उपायुक्त ने दो टूक कहा कि जिले में किसी भी हाल में अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ संयुक्त छापेमारी अभियान चलाने, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके अलावा अधिकारियों को हर महीने प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने, नियमित क्षेत्र भ्रमण करने और कार्रवाई के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया। अनुमंडल स्तर पर निगरानी को और मजबूत बनाने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में पुलिस अधीक्षक अमन कुमार, पुलिस उपाधीक्षक यशोधरा, जिला खनन पदाधिकारी राजेंद्र उरांव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि कुछ अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भाग लिया।






