
भारतीय रसोई में घी का इस्तेमाल सिर्फ स्वाद बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि सेहत को दुरुस्त रखने के लिए भी किया जाता है। चाहे दाल में तड़का लगाना हो या पराठे पर लगाना हो—घी हर घर की जरूरत है। लेकिन अक्सर लोगों के मन में एक सवाल उठता है—क्या गाय का घी ज्यादा फायदेमंद है या भैंस का? दोनों दिखने में एक जैसे लगते हैं, मगर इनके गुण, स्वाद और शरीर पर असर में बड़ा अंतर होता है।
रंग और बनावट में अंतर
गाय का घी हल्के पीले रंग का होता है, जिसकी खुशबू माइल्ड और स्वाद हल्का होता है। यह आसानी से पचने वाला माना जाता है और गर्मियों के मौसम में भी शरीर को भारी नहीं करता। दूसरी ओर, भैंस का घी सफेद रंग का, गाढ़ा और स्वाद में रिच होता है। इसे खाने के बाद पेट में भारीपन महसूस हो सकता है, इसलिए यह उन लोगों के लिए बेहतर नहीं जो पाचन संबंधी समस्या से जूझते हैं।
दिल और पाचन के लिए कौन बेहतर?
विशेषज्ञों के अनुसार, गाय का घी दिल के लिए ज्यादा फायदेमंद है क्योंकि इसमें अच्छे फैट्स और ओमेगा-3 फैटी एसिड पाए जाते हैं। यह कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने के बजाय बैलेंस करने में मदद करता है। वहीं भैंस का घी ज्यादा फैट वाला होता है और अधिक कैलोरी देता है, इसलिए इसे सीमित मात्रा में खाना चाहिए।
कौन-सा घी चुनें?
यदि आप हल्का भोजन पसंद करते हैं या दिल से जुड़ी दिक्कत है, तो गाय का घी बेहतर रहेगा। वहीं, जिन्हें एनर्जी या वजन बढ़ाने की जरूरत है, वे भैंस का घी नियंत्रित मात्रा में ले सकते हैं। दोनों ही घी फायदेमंद हैं, बस मात्रा और स्वास्थ्य स्थिति का ध्यान जरूरी है।









