गोरखपुर में निषाद पार्टी ने मिशन 2027 की शुरुआत करते हुए राजनीतिक ताकत दिखाने का प्रयास किया। पार्टी अध्यक्ष संजय निषाद ने रैली में आक्रामक तेवर अपनाए और आरक्षण के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए निषाद समाज को एकजुट होने का संदेश दिया। इस दौरान वे भावुक भी नजर आए और समाज के अधिकारों की लड़ाई को तेज करने की बात कही।
निषाद पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव में 160 सीटों पर प्रभावी भूमिका निभाने का लक्ष्य तय किया है। पार्टी का फोकस उन क्षेत्रों पर है, जहां निषाद समाज निर्णायक भूमिका में है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पूर्वांचल के कई जिलों में निषाद वोट बैंक चुनावी समीकरण बदलने की क्षमता रखता है।
प्रदेश में निषाद समाज की आबादी करीब 4.5 प्रतिशत मानी जाती है, जबकि विभिन्न उपजातियों को जोड़ने पर यह आंकड़ा लगभग 9 प्रतिशत तक पहुंचता है। करीब 80 सीटों पर इस समाज का सीधा प्रभाव है और लगभग 160 सीटों पर यह नतीजों को प्रभावित कर सकता है।
2022 विधानसभा चुनाव में एनडीए के साथ गठबंधन में निषाद पार्टी ने 15 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसमें उसे 9 सीटों पर जीत मिली थी। अब पार्टी 2027 के चुनाव में अपनी राजनीतिक पकड़ और मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।