
वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्ट
लखनऊ, राज्य ब्यूरो। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के लाभ अब पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया से ही पात्र लाभार्थियों तक पहुँचेंगे। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि योजना के तहत घर पाने के लिए ग्राम सभा की मंजूरी और प्रशासनिक सत्यापन अनिवार्य होगा।
2018 के आवास प्लस सर्वेक्षण में चिन्हित किए गए 36.57 लाख पात्र परिवारों को पहले ही योजना का लाभ मिल चुका है। अब 2024 में कराए गए नए सर्वेक्षण के बाद पात्रता सूची तैयार की जा रही है और अधिकारियों द्वारा सत्यापन कार्य तेजी से किया जा रहा है।
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शिकायत निवारण के लिए अपीलीय समितियां गठित
योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने जिला स्तर पर तीन सदस्यीय अपीलीय समितियों का गठन किया है। इन समितियों की अध्यक्षता जिलाधिकारी (डीएम) करेंगे और इनमें एक गैर-सरकारी सदस्य भी शामिल रहेगा। इन समितियों के पास यह अधिकार होगा कि अगर किसी नाम को लेकर विवाद है या पात्रता सूची में बदलाव की शिकायत है, तो उसका निस्तारण किया जाए।
शिकायत दर्ज करने के तरीके:
अपीलीय समिति में सीधे शिकायत दर्ज
टोल-फ्री नंबर 1800-180-4042 पर शिकायत
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पारदर्शिता और जानकारी के लिए अभियान
ग्राम्य विकास विभाग के अनुसार, योजना की प्रक्रिया और शिकायत निवारण तंत्र के बारे में ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए व्यापक प्रचार अभियान चलाया गया है।
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उप मुख्यमंत्री के निर्देश
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि:
“प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुँचेगा। किसी पात्र को वंचित नहीं किया जाएगा और अपात्रों का नाम सूची में नहीं आने दिया जाएगा।”
अपीलीय समितियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी पात्र परिवार को समय पर आवास मिल सके।
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✅ मुख्य बिंदु संक्षेप में
ग्राम सभा की मंजूरी के बाद ही मिलेगा लाभ
2024 के नए सर्वेक्षण में पात्रता की पुनः जांच
जिला स्तर पर अपीलीय समितियां गठित
शिकायत दर्ज करने के लिए टोल-फ्री नंबर उपलब्ध
पारदर्शिता और त्वरित निस्तारण पर जोर




