
जब पहियों पर दौड़े सपने: साइकिल बनी संबल, एसटीईएम शिक्षा से बेटियों को मिला उड़ान का नया आसमान
पाली, 19 मार्च।
जहां कभी दूरी और संसाधनों की कमी बेटियों के कदम रोक देती थी, आज वहीं उनके सपनों को नई गति और नई दिशा मिली है। संघर्ष भरे रास्तों पर चलने वाली इन बालिकाओं के लिए यह पहल केवल सुविधा नहीं, बल्कि उनके भविष्य को रोशन करने वाली एक सशक्त किरण बनकर उभरी है।
पाली जिले के राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, मिल एरिया में एक अत्यंत प्रेरणादायक एवं संवेदनशील पहल के अंतर्गत इन-डीड फाउंडेशन द्वारा लोव्स इंडिया के सहयोग से “एसटीईएम फॉर गर्ल्स” कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 100 जरूरतमंद बालिकाओं को उच्च गुणवत्ता वाली रेंजर साइकिलें वितरित की गईं जो न केवल एक साधन बल्कि बेटियों के सपनों को साकार करने का सशक्त माध्यम बनकर सामने आई है।
ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाली इन बालिकाओं के लिए यह साइकिलें किसी उपहार से कम नहीं, बल्कि उनके संघर्षपूर्ण सफर को सरल बनाने वाली जीवनरेखा हैं। अब विद्यालय तक की कठिन राह आसान होगी और शिक्षा की ओर उनका आत्मविश्वास और भी मजबूत होगा।
विद्यालय के प्रधानाचार्य दौलाराम मेघवाल ने बताया कि इस प्रकार की पहल से छात्राओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए नई प्रेरणा मिलती है तथा दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाली बालिकाओं के लिए विद्यालय तक पहुंच सरल होती है। उन्होंने कहा कि उच्च गुणवत्ता वाली रेंजर साइकिलें छात्राओं के लिए एक अमूल्य उपहार हैं, जो उनके दैनिक जीवन को आसान बनाकर शिक्षा के प्रति निरंतरता बनाए रखने में सहायक सिद्ध होंगी।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लोव्स इंडिया के प्रबंध निदेशक अंकुर मित्तल एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में सीएसआर हेड सुश्री गरिमा डिमरी उपस्थित रहीं। नव चयनित आईएएस गरिमा परमार भी अतिथि के रूप में सम्मिलित हुईं, जो बालिकाओं के लिए प्रेरणा का प्रमुख केंद्र रहीं। छात्राओं ने पारंपरिक स्वागत, राजस्थानी साफा एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर अतिथियों का अभिनंदन किया तथा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को भावनात्मक ऊंचाई प्रदान की।
मुख्य अतिथि अंकुर मित्तल ने कहा कि एसटीईएम शिक्षा देश के भविष्य की आधारशिला है और जब बेटियां विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ेंगी, तो राष्ट्र का समग्र विकास सुनिश्चित होगा। उन्होंने इस पहल को समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में एक सशक्त कदम बताया।समग्र शिक्षा कार्यक्रम अधिकारी कल्याण सिंह टेवाली ने कहा कि बालिकाओं को अवसर और संसाधन उपलब्ध कराना समय की मांग है और यह पहल उनके उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगी।
इन-डीड फाउंडेशन के अध्यक्ष विक्रम राजोला ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य उन बालिकाओं तक शिक्षा के साधन पहुंचाना है, जो दूरी एवं संसाधनों के अभाव में पीछे रह जाती हैं। साइकिल मिलने से उनकी शिक्षा में निरंतरता आएगी और वे एसटीईएम क्षेत्र में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकेंगी।
कार्यक्रम में रोटरी क्लब द्वारा बेटियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए चार स्मार्ट टीवी युक्त कक्षा-कक्ष स्थापित करने की महत्वपूर्ण घोषणा की गई। इस घोषणा के साथ रोटरी क्लब के वर्धमान भंडारी एवं राजकुमार मेड़तिया की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने इस पहल को सराहते हुए इसे बालिकाओं के लिए अत्यंत उपयोगी कदम बताया।
इस अवसर पर उप प्रधानाचार्या लेखनी शर्मा, संगीता शर्मा सहित पूरे स्कूल स्टाफ एवं इनडीड फाउंडेशन के प्रतिनिधि टीना पांडे, मीरा पटेल, अविनाश माथुर, देवकिशन परमार, हेमंत कुमार, एवं जीवन शर्मा का विशेष योगदान रहा।मंच संचालन डॉ. राजेंद्र सिंह राजपुरोहित द्वारा किया गया।



