

डॉ. शाहीन और डॉ. परवेज की गिरफ्तारी के बाद देशभर में चल रहा सर्च अभियान, लखनऊ में एक के बाद एक छापेमार कार्रवाई से हड़कंप, कई संदिग्धों पर एटीएस की नजर, आने वाले 48 घंटे बेहद अहम
डॉ. शाहीन और डॉ. परवेज की गिरफ्तारी के बाद पूरे देश में सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ा सर्च अभियान शुरू कर दिया है, जिसके चलते उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार से लेकर सोमवार दोपहर तक कई इलाकों में जबरदस्त छापेमारी की गई। जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय खुफिया इकाइयों के इनपुट पर एटीएस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों ने सुबह-सुबह चारबाग रेलवे स्टेशन के आसपास स्थित कई होटलों में सर्च ऑपरेशन चलाया, जहां टीमों को कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल फुटेज मिलने की संभावना जताई जा रही है। यह भी पता चला है कि दोनों आरोपियों के नेटवर्क से जुड़े कुछ लोग बीते 48 घंटों में राजधानी के अलग-अलग होटलों में आते-जाते देखे गए थे। चारबाग क्षेत्र में लगभग एक दर्जन से अधिक होटलों की तलाशी के दौरान जांच टीमों ने रजिस्टर, सीसीटीवी फुटेज और होटल स्टाफ से पूछताछ करते हुए कई अहम क्लू इकट्ठे किए। इसके बाद दोपहर में अचानक एटीएस की एक बड़ी टीम पारा थाना क्षेत्र में पहुंची और वहां कई ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें एक संदिग्ध को हिरासत में लेने की पुष्टि हुई है। सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार संदिग्ध का डॉ. शाहीन और डॉ. परवेज से सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से संपर्क होने की आशंका है, और उससे देर शाम तक गहन पूछताछ जारी रही। माना जा रहा है कि शाहीन पिछले कई दिनों से देश के अलग-अलग शहरों में एक्टिव नेटवर्क चलाता रहा है, जिसके माध्यम से वह न केवल वित्तीय लेनदेन बल्कि कई गतिविधियों का संचालन कर रहा था। एटीएस को संदेह है कि शाहीन और परवेज की गिरफ्तारी के बाद उनके सहयोगियों ने सबूतों को नष्ट करने और लोकेशन बदलने की कवायद शुरू कर दी थी, जिस वजह से अचानक राजधानी के कई इलाकों में छापेमारी तेज करनी पड़ी। खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, आने वाले 48 घंटे मामले की जांच के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इस दौरान उन सभी लोगों से पूछताछ की जाएगी जिनके मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सऐप चैट या बैंक ट्रांजैक्शन संदिग्ध पाए गए हैं। बताया जा रहा है कि दोनों डॉक्टरों के संपर्क में राजनीति, व्यापार और मेडिकल क्षेत्र से जुड़े कई लोग भी थे, जिनकी भूमिका अभी जांच के दायरे में है। एटीएस की टीम यह भी पता लगाने में जुटी है कि आखिर शाहीन और परवेज किस उद्देश्य से इस नेटवर्क का संचालन कर रहे थे और क्या उनके तार देश-विदेश में किसी बड़े मॉड्यूल से जुड़े हुए हैं। छापेमारी के बाद राजधानी में सुरक्षा एजेंसियों की गतिविधियों ने शहर में चर्चा गर्म कर दी है और लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि इस कार्रवाई के पीछे आखिर वह कौन-सा बड़ा खुलासा है जिसने अचानक कई टीमों को सक्रिय कर दिया। वहीं होटल कारोबारियों में भी दहशत का माहौल है, क्योंकि कई होटलों में संदिग्ध गतिविधियों और आईडी फर्जीवाड़े की जांच अब और अधिक कड़ी होने वाली है। पुलिस और एटीएस के अधिकारियों ने अभी तक आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन सूत्रों का दावा है कि अब तक की जांच में कई महत्वपूर्ण लिंक मिल चुके हैं और अगले दो दिनों में कुछ और नाम सामने आ सकते हैं। पूरे घटनाक्रम से साफ है कि डॉ. शाहीन और डॉ. परवेज की गिरफ्तारी एक बड़े नेटवर्क का सिरा थी, जिसकी गहराई अब लगातार छापेमारी के दौरान सामने आ रही है। एजेंसियों की ओर से यह भी संकेत मिले हैं कि आने वाले समय में राजधानी सहित प्रदेश के कई जिलों में सर्च अभियान और तेज किया जाएगा, ताकि इस पूरे मामले की तह तक पहुंचा जा सके। फिलहाल एटीएस, स्थानीय पुलिस और खुफिया विभाग की संयुक्त टीमें चौबीसों घंटे ऑपरेशन मोड में हैं, और किसी भी संभावित खतरे को रोकने के लिए हर पहलू से जांच जारी है।
रिपोर्टर – एलिक सिंह
संपादक – समृद्ध भारत समाचार पत्र
संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
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