
💥 #दिल्ली_ब्लास्ट: मरने वालों की लाशों के लिए भी एंबुलेंस नहीं! LNJP अस्पताल में शवों को घर भेजने की व्यवस्था तक नहीं — दिल्ली की संवेदनहीनता पर देशभर में आक्रोश 🚨
नई दिल्ली।
लाल किले के पास हुए भीषण दिल्ली ब्लास्ट में जहाँ एक ओर 9 बेकसूर लोगों की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया, वहीं दूसरी ओर अब सरकार और प्रशासन की संवेदनहीनता भी सामने आ रही है।
सूत्रों के अनुसार, LNJP अस्पताल में मृतकों के परिजनों को अपने प्रियजनों के शव घर ले जाने के लिए एंबुलेंस तक नहीं मिली।
परिजन घंटों अस्पताल परिसर में भटकते रहे, लेकिन प्रशासन से उन्हें केवल “अगली प्रक्रिया का इंतज़ार करें” का जवाब मिला।
😢 परिजनों का दर्द — “हमारे बेटे की लाश को भी घर ले जाने नहीं दे रहे”
अमरोहा निवासी अशोक कुमार के भाई महेश कुमार ने रोते हुए बताया —
“हमारे भाई की मौत हो गई, मगर अब एंबुलेंस के लिए हमें खुद पैसे देने को कहा जा रहा है। सरकारी व्यवस्था पूरी तरह लाचार है।”
दिल्ली के श्रीनिवासपुरी निवासी मृतक अमर कटारिया के पिता ने कहा —
“धमाके ने हमारा सब कुछ छीन लिया, लेकिन अब अस्पताल ने हमें इस तरह अकेला छोड़ दिया जैसे कोई जिम्मेदारी ही नहीं है।”
🏥 अस्पताल प्रशासन की सफाई — “अभी पोस्टमार्टम जारी है”
LNJP अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक, कई शवों की पहचान पूरी नहीं हुई है, इसलिए उन्हें पोस्टमार्टम और डीएनए सैंपलिंग के बाद ही सौंपा जाएगा।
लेकिन, परिजनों का कहना है कि पहचान हो चुकी शवों को भी रोककर रखा जा रहा है, और एम्बुलेंस सेवा न मिलने से उन्हें प्राइवेट वाहन का इंतज़ाम करना पड़ रहा है।
💬 दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था और आपदा प्रबंधन तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
जहाँ एक ओर सरकार ने मुआवजे और जांच की घोषणाएँ की हैं, वहीं दूसरी ओर अस्पतालों में बेकसूर नागरिकों के शवों को सम्मानपूर्वक उनके घरों तक पहुंचाने की कोई व्यवस्था नहीं की गई।
सोशल मीडिया पर #DelhiBlast और #InsensitiveDelhi ट्रेंड कर रहा है।
लोग सवाल उठा रहे हैं —
“अगर राजधानी में ये हाल है, तो देश के बाकी हिस्सों में जनता से कैसी उम्मीद की जाए?”
⚠️ राजनीतिक और जन प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट किया —
“दिल्ली में प्रशासन मर चुका है। जिन परिवारों ने अपने लोग खोए, उन्हें अब एंबुलेंस के लिए भी तरसना पड़ रहा है — शर्मनाक।”
वहीं बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस पर संज्ञान लिया है और दिल्ली सरकार से जवाब मांगा गया है।
💔 मानवता की परीक्षा में नाकाम व्यवस्था
जहाँ एक ओर देश आतंक के दर्द से कराह रहा है, वहीं दूसरी ओर दिल्ली की प्रशासनिक संवेदनहीनता ने इस त्रासदी को और गहरा कर दिया है।
लाशों को एंबुलेंस तक न मिलना, सिर्फ व्यवस्था की नाकामी नहीं बल्कि मानवता पर कलंक है।
✍️ ब्यूरो रिपोर्ट — एलिक सिंह
संपादक — वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
📍सहारनपुर | 📞 8217554083












