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“धान में रेत का खेल उजागर: खरीदी केन्द्र प्रभारी बर्खास्त, जांच में खुला 132 क्विंटल गबन का राज”


बलौदाबाजार, 9 मार्च 2026।
जिले में धान खरीदी केन्द्र में बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। उपार्जित धान में रेत मिलाकर हेराफेरी करने और व्यक्तिगत लाभ कमाने के आरोप में प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए धान खरीदी केन्द्र प्रभारी लीलाराम सेन को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। इस कार्रवाई से जिले के धान खरीदी केन्द्रों में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित निपनिया के धान उपार्जन केन्द्र निपनिया में धान के बोरों में रेत, कंकड़ और धूल-मिट्टी मिलाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल संयुक्त जांच दल गठित कर 8 मार्च 2026 को मौके पर जांच कराई।
जांच में खुली बड़ी गड़बड़ी
जांच दल के प्रतिवेदन के अनुसार केन्द्र के भौतिक सत्यापन के दौरान 137.20 क्विंटल धान अधिक पाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि खरीदी प्रभारी लीलाराम सेन द्वारा हमालों के माध्यम से करीब 5300 कट्टों में 2 से 3 किलो तक रेत मिलाई गई थी।
जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया कि रेत मिलाने के बाद उसके बराबर लगभग 132 क्विंटल धान का व्यक्तिगत लाभ के लिए गबन किया गया।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई
जांच प्रतिवेदन में सामने आए तथ्यों के आधार पर उपायुक्त सहकारिता द्वारा कार्रवाई करते हुए खरीदी प्रभारी लीलाराम सेन को अपने पद के दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही और अनियमितता का दोषी पाया गया।
इसके बाद छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 55(1) तथा कर्मचारी सेवा नियम 2018 के नियम क्रमांक 16 के तहत कार्रवाई की अनुशंसा की गई।
प्राधिकृत अधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए धान खरीदी प्रभारी लीलाराम सेन को सेवा से पृथक (बर्खास्त) करने का आदेश जारी कर दिया।
खरीदी केन्द्रों में मचा हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद जिले के धान खरीदी केन्द्रों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या हेराफेरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और दोषियों के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
कुल मिलाकर वायरल वीडियो से खुला यह “धान में रेत का खेल” अब जिले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई का कारण बन गया है, जिसने धान खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

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