
राजस्थान पंचायती राज चुनाव: खर्च छुपाने वालों की अब खैर नहीं पिछले पंचायती राज चुनाव में चुनावी खर्च का हिसाब नहीं देने वाले पंच, सरपंच और अन्य प्रत्याशियों पर अब राज्य चुनाव आयोग का डंडा चलने वाला है। आयोग जल्द ही सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी कर ऐसे प्रत्याशियों की काली सूची तलब करेगा।
चुनाव परिणाम के 15 दिन के भीतर खर्च का पूरा ब्योरा देना अनिवार्य है। जो प्रत्याशी हिसाब नहीं देंगे, उन पर तीन साल तक चुनाव लड़ने की रोक तय मानी जा रही है। मार्च–अप्रैल में प्रस्तावित पंचायत चुनाव से पहले आयोग का यह फैसला उन नेताओं के लिए खतरे की घंटी है जो अब तक नियमों को हल्के में लेते रहे हैं चुनाव आयोग ने चुनावी खर्च की सीमा बढ़ाकर साफ संदेश दे दिया है—
सरपंच: ₹1 लाख
पंचायत समिति सदस्य: ₹1.5 लाख
जिला परिषद सदस्य: ₹3 लाख













