
वंदेभारतलाइवटीव न्युज/समृद्धभारत ई पेपर-: बुधवार 22 अक्टूबर 2025-:
नवरात्रि दुर्गापूजा, दीपावली त्योहार के बाद अब छठ पर्व आने वाला है। ऐसे में देश के विभिन्न भागों में छठ पर्व को लेकर तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। छत्तीसगढ की न्यायाधानी बिलासपुर में भी छठ पर्व को लेकर खूब जोर शोर के साथ तैयारियां की जा रही हैं। न्यायाधानी बिलासपुर में देश का सबसे बड़ा छठघाट है। जानकारी अनुसार यहां छठघाट में एक साथ करीब पचास हजार से भी अधिक लोग सूर्यदेव को अर्ध्य दे सकेंगे हैं। 
छठपूजा का पर्व 25 अक्टूबर 2025 से आरंभ होकर 28 अक्टूबर 2025 तक चलेगा। छठपूजा का यह पर्व विशेष रूप से बिहार, उत्तरप्रदेश, झारखंड में अधिक मनाया जाता है। छत्तीसगढ राज्य में भी पिछले कुछ सालों से छठपूजा को मनाया जाने लगा है। बिलासपुर का छठघाट करीब सात एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है जो की देश का सबसे बड़ा छठघाट है,इसके बराबर बडा छठघाट अभी देश में अन्यत्र कहीं नही है । न्यायाधानी बिलासपुर के तोरवा में स्थित छठघाट एक किलोमीटर क्षेत्र में पूजा एवं सूर्यदेव को अर्ध्य देने के लिए बेदी बनाई जाती है। यहां पर छठपूजा को लेकर तैयारी चल रही है। यहां घाट में नवरात्र दुर्गा विसर्जन के दौरान एकत्रित हुए मलवे को हटाने का काम किया जा रहा है। अरपा नदी के तट बने हुए छठघाट की साफ-सफाई रंग रोगन का कार्य भी किया जा रहा है। छठघाट में अस्ताचलगामी और उदय होने वाले सूर्यदेव को अर्ध्य देते हुए छठी मैया की पूजा वंदना की जाती है। पर्व मनाने घाटों नदियों तालाबों के घाटों का विशेष महत्व रहता है। बिलासपुर के जैसा स्थाई बड़ा छठघाट तो छठ पर्व के उद्गम स्थल बिहार राज्य मे भी नही है। यहा पर पचास हजार से भी अधिक श्रद्धालु भक्तजन एक साथ सूर्य नारायण को अर्ध्य दे सकते है। इस बार 2025 मे छठ पर्व 25 अक्टूबर से शुरू होगा। छठ पर्व 25 अक्टूबर 2025 को नहाय खाय” और अरपा नदी की महाआरती से शुरुआत होगी। 26 अक्टूबर रविवार 2025 को खरना” मनाया जायेगा इस दिन व्रत रहने वाली माताएं बहनें नए वस्त्र धारण कर खरना बनायेंगी। 27 अक्टूबर सोमवार को अस्त होते हुए सूर्यदेव को अर्ध्य दिया जायेगा। व्रत रहने वाले इस दिन अरपा नदी स्थित छठघाट में पहुंचकर सूर्य नारायण को अर्ध्य देंगी। 28 अक्टूबर मंगलवार को उदय होते हुए सूर्यदेव को अर्ध्य देने के साथ ही छत्तीस घंटे का निर्जला व्रत रहने वाली महिलाएं पारण भी करेंगी।




