उत्तर प्रदेशबस्तीसिद्धार्थनगर 

प्रतिमा विसर्जन के दौरान युवक की पिटाई पर बड़ी कार्रवाई, युवक की हालत गंभीर

अजीत मिश्रा (खोजी)

।। सिद्धार्थनगर में एसओ मोहाना सहित 5 पुलिसकर्मी निलंबित।।

💫 प्रतिमा विसर्जन के दौरान युवक की पिटाई पर बड़ी कार्रवाई, युवक की हालत गंभीर।

सिद्धार्थनगर में 22 अक्टूबर को प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई मारपीट की घटना ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी। आरोप है कि एक युवक रजनीश पटेल को मोहाना थाना पुलिस के चार सिपाहियों ने बाइक पर बैठाकर कहीं ले जाकर बेरहमी से पीटा और सड़क किनारे फेंक दिया। डीआईजी बस्ती रेंज संजीव त्यागी ने इस मामले में शनिवार देर रात बड़ा कदम उठाते हुए थाना प्रभारी रोहित कुमार उपाध्याय समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।

घायल युवक रजनीश को बर्डपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्राथमिक उपचार के बाद स्थिति गंभीर देखते हुए सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। स्थिति में सुधार न होने पर उसे पहले गोरखपुर मेडिकल कॉलेज और फिर लखनऊ भेजा गया। फिलहाल लखनऊ में उसका इलाज चल रहा है।

⭐ परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए—

रजनीश के परिजनों ने आरोप लगाया कि प्रतिमा विसर्जन के दौरान किसी बात पर कहासुनी हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने युवक को जबरन उठाकर पीटा और सड़क किनारे फेंक दिया। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए। जांच की जिम्मेदारी सीओ सदर विश्वजीत सौरयान को सौंपी गई है, और तीन दिन के भीतर रिपोर्ट तलब की गई है।

⭐ डीआईजी का हस्तक्षेप, तत्काल निलंबन—

डीआईजी बस्ती रेंज संजीव त्यागी ने शनिवार देर रात सिद्धार्थनगर पहुंचकर मामले की गहन समीक्षा की। प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ कि स्थानीय पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और छुपाने की कोशिश की। इसके बाद थाना प्रभारी मोहाना रोहित कुमार उपाध्याय और चार सिपाहियों (राजन सिंह, मनोज यादव, अभिषेक गुप्ता और मंजीत सिंह) को निलंबित कर दिया गया।

डीआईजी ने कहा, “यह अत्यंत गंभीर मामला है। पुलिसकर्मियों का कर्तव्य नागरिकों की सुरक्षा करना है, न कि किसी के साथ अत्याचार। दोषियों के खिलाफ केस दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी। कोई भी अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

⭐ लोगों में आक्रोश—

घटना के बाद पूरे जिले में पुलिस विभाग में हड़कंप मचा। स्थानीय लोग और सामाजिक संगठन पीड़ित परिवार से मिले और दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की। प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ा दी है और वरिष्ठ अधिकारी लगातार रजनीश की हालत की जानकारी ले रहे हैं।

⭐ आगे की कार्रवाई—

डीआईजी के निर्देश पर निलंबित पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके साथ ही विभागीय जांच भी अलग से चलेगी। घटना की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि युवक की इस हालत के लिए कौन जिम्मेदार है। फिलहाल इतनी बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई ने पुलिस विभाग में हड़कंप मचा दिया है और पूरे जिले में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।

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