

बलौदाबाजार। शहर में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर लगातार दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कई स्थानों पर हालात अब भी चिंताजनक बने हुए हैं। शहर के नए बस स्टैंड तथा पूर्व नगर पालिका परिसर में स्थित सुलभ शौचालयों के आसपास खुले में पेशाब किए जाने की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, जिससे पूरे क्षेत्र में तेज दुर्गंध फैल रही है और आम नागरिकों सहित यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार नए बस स्टैंड में प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रियों का आना-जाना लगा रहता है। सुबह से लेकर देर शाम तक विभिन्न क्षेत्रों से बसों के माध्यम से सैकड़ों लोग यहां पहुंचते हैं और अपने गंतव्य के लिए प्रस्थान करते हैं। इसी प्रकार पूर्व नगर पालिका परिसर भी शहर का एक प्रमुख स्थान है, जहां नागरिकों की आवाजाही बनी रहती है।
इसके बावजूद इन दोनों स्थानों पर स्थित सुलभ शौचालयों के आसपास कई लोग खुले में पेशाब कर देते हैं, जिसके कारण आसपास का वातावरण दूषित हो जाता है। क्षेत्र में फैली तेज बदबू के कारण यात्रियों, दुकानदारों और राहगीरों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। कई लोगों का कहना है कि बस का इंतजार करते समय या अपने कार्य से गुजरते समय उन्हें नाक बंद करके निकलना पड़ता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार यह समस्या नई नहीं है, बल्कि कई वर्षों से चली आ रही है। समय-समय पर इस विषय में चर्चा भी होती रही है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। कई नागरिकों का कहना है कि सुलभ शौचालय होने के बावजूद लोग उसके आसपास ही पेशाब कर देते हैं, जिससे स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
दुकानदारों और यात्रियों का कहना है कि बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थल पर स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। यहां दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले लोग भी पहुंचते हैं, ऐसे में यदि परिसर में दुर्गंध और गंदगी का माहौल बना रहे तो इससे शहर की छवि भी प्रभावित होती है।
नागरिकों के बीच यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या इस समस्या की जानकारी नगर पालिका प्रशासन को है या नहीं। विशेष रूप से नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन के संज्ञान में यह मामला है या नहीं, इसको लेकर भी लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि यदि अधिकारियों को इसकी जानकारी है तो अब तक ठोस कदम क्यों नहीं उठाए गए।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि नगर पालिका को इस दिशा में गंभीर पहल करते हुए सुलभ शौचालयों के आसपास नियमित सफाई, चेतावनी बोर्ड, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था तथा निगरानी की व्यवस्था करनी चाहिए। साथ ही खुले में पेशाब करने वालों पर जुर्माना लगाने जैसी सख्त कार्रवाई भी की जानी चाहिए, ताकि इस समस्या पर नियंत्रण पाया जा सके।
फिलहाल शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर फैली यह दुर्गंध लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। अब देखना यह होगा कि नगर पालिका प्रशासन इस लंबे समय से चली आ रही समस्या को कब तक गंभीरता से लेते हुए इसका स्थायी समाधान सुनिश्चित करता है।



