

जिला अस्पताल जिसे मेडिकल अस्पताल कहा जाता है, में रोज अनोखे कारनामे हो रहे हैं। शुक्रवार को भी ऐसे ही एक कारनामे को लेकर खूब हंगामा हुआ।
आपको जानकर हैरत होगी कि मेडिकल अस्पताल में डॉक्टर की कुर्सी पर बैठा एक नकली डॉक्टर मरीजों को देख रहा था और दवाइयां लिख रहा था। इस घटना का वीडियो वायरल होने से हड़कम्प मच गया।
शुक्रवार को जिला अस्पताल के ओपीडी कक्ष 25 में बैठने वाले टीबी एवं छाती विशेषज्ञ डॉ. तुपार सिंह पकड़ा की कुर्सी पर कोई अन्य व्यक्ति मरीजों को देख रहा था। वह तुषार सिंह की मोहर लगे पचर्चों पर दवाइयां भी लिख रहा था। पुराने मरीज के पर्चे पर मुहर लगाकर लिख रहा था कंटीन्यू सेम ट्रीटमेंट।
उल्टी सीधी दवाई लिखे पर्चे चीफ फार्मेसिस्ट राजेश रवि व अन्य फार्मेसी स्टाफ के पास पहुंचे तो उन्हें शक हुआ। उन्होंने कक्ष 25 में जाकर देखा तो यह देखकर हैरान हो गये कि डॉ. तुषार की कुर्सी पर कोई और बैठा था। उसने मुंह पर मास्क लगा रखा था। पूछने पर वह अपना नाम भी नहीं बता रहा था।
जोर देने पर उसने बताया कि वह डॉ. तुषार का असिस्टेंट है। स्टाफ ने डॉ. तुषार को फोन मिलाकर पूछा तो उन्होंने भी उसे अपना असिस्टेंट बताते हुए कहा कि वह बीएएमएस चिकित्सक है। लेकिन जब स्टाफ ने युवक से पूछा तो उसने खुद को डॉक्टर होने से इन्कार किया। डॉ. तुषार ने उसका नाम दिनेश बताया।
गहमा-गहमी और पूछताछ के दौरान फर्जी डॉक्टर अस्पताल से खिसक गया। बाद में डॉक्टर तुषार ने उस व्यक्ति को अपना असिस्टेंट होने से इन्कार कर दिया। डॉक्टर तुषार ने कहा कि उनसे जब फोन पर पूछा गया था तो वे समझे कि उनकी अनुपस्थिति में उनका कोई असिस्टेंट ही मरीज देख रहा होगा।










