राकेश सिंह बैतूल। जिले में अब तक की सबसे बड़ी साइबर ठगी को उजागर करते हुए बैतूल पुलिस और साइबर सेल ने 9 करोड़ 84 लाख रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन और एएसपी कमला जोशी के निर्देशन में की गई।
खेड़ी सावलीगढ़ निवासी बिसराम इवने ने खाते में संदिग्ध लेन-देन की शिकायत की थी। जांच में सामने आया कि जून 2025 से अब तक उसके खाते से 1.5 करोड़ रुपये की अवैध ट्रांज़ैक्शन हुई है। आगे की जांच में एक ही बैंक के 7 खातों से कुल ₹98,495,212 रुपये की हेराफेरी उजागर हुई। इसमें मृतक राजेश बर्डे के खाते का भी दुरुपयोग किया गया, जिसमें मोबाइल नंबर बदलकर एटीएम कार्ड जारी कर बड़े ट्रांज़ैक्शन किए गए।
जांच के दौरान बैंक का एक अस्थायी कर्मचारी गिरोह का मुख्य सहयोगी पाया गया, जिसने ग्राहक दस्तावेजों से छेड़छाड़ कर फर्जी नंबर लिंक कराना, एटीएम जारी कराना और डेटा बाहर भेजने जैसे कार्य किए। खाते से जुड़ी पूरी किट (सिम, एटीएम, पासबुक, चेकबुक) तैयार कर इंदौर भेजी जाती थी, जहाँ से बाहरी साइबर अपराधी ठगी को अंजाम देते थे।
तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने इंदौर में दबिश देकर 15 मोबाइल, 21 एटीएम कार्ड, 11 पासबुक, 7 चेकबुक, 2 लैपटॉप, 2 पिओएस मशीन सहित अन्य सामग्री जब्त की।
गिरफ्तार आरोपी:
1. राजा उर्फ आयुष चौहान
2. अंकित राजपूत
3. नरेंद्र सिंह राजपूत
- जांच में शामिल प्रोफेशनल टीम:
कोतवाली टीआई नीरज पाल, सब इंस्पेक्टर अश्विनी चौधरी, सब इंस्पेक्टर नवीन सोनकर, राजेंद्र धाड़से, बलराम राजपूत, दीपेंद्र सिंह, पंकज नरवरिया, सचिन हनवते।
एसआईटी टीम में सब इंस्पेक्टर राकेश सरेयाम, सब इंस्पेक्टर रवि शाक्य, सब इंस्पेक्टर छत्रपाल धुर्वे, सब इंस्पेक्टर उत्तम नंदन मस्तकार, प्रधान आरक्षक तरुण, प्रधान आरक्षक शिव उईके, आरक्षक दीपक कटियार, विकास जैन, अनिरुद्ध यादव, विवेक टेटवार, म.आर. निर्मला ऊईके, आरक्षक उज्ज्वल शामिल रहे।





