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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए

लखनऊ।

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में कुल 31 प्रस्ताव पेश किए गए, जिनमें से 30 को मंजूरी दे दी गई। इनमें सबसे महत्वपूर्ण फैसला जमीन की फर्जी रजिस्ट्री पर रोक लगाने से जुड़ा है।

स्टांप एवं पंजीयन मंत्री रवींद्र जायसवाल ने बताया कि अब किसी भी जमीन की रजिस्ट्री से पहले खतौनी और संबंधित दस्तावेजों की पूरी जांच की जाएगी। सत्यापन के बाद ही रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी होगी। इस व्यवस्था से फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन की अवैध रजिस्ट्री पर प्रभावी रोक लगाने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके अलावा परिवहन से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया है। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत निजी बसों को परमिट लेने की आवश्यकता नहीं होगी और उन्हें परिवहन टैक्स से भी छूट दी जाएगी। निजी ऑपरेटर चाहें तो अपनी बसें उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम को अनुबंध पर भी दे सकेंगे।

सरकार ने कैब एग्रीगेटर सेवाओं पर भी नियंत्रण बढ़ाने का फैसला लिया है। अब ओला और उबर को परिवहन विभाग में अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा। बिना मेडिकल, पुलिस वेरिफिकेशन और फिटनेस जांच के कोई भी वाहन ऐप के माध्यम से नहीं चल सकेगा। इसके साथ ही सभी वाहनों और ड्राइवरों का पूरा विवरण ऐप में दर्ज करना अनिवार्य होगा।

सरकार का कहना है कि इन फैसलों से पारदर्शिता बढ़ेगी और आम लोगों को सुरक्षित व बेहतर सेवाएं मिलेंगी।

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